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असम के बकरी बाजारों में दिखा मूल्य वृद्धि का असर

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असम के बकरी बाजारों में दिखा मूल्य वृद्धि का असर


असम के बकरी बाजारों में दिखा मूल्य वृद्धि का असर


गुवाहाटी, 25 में (हि.स.)। बकरा ईद के मौके पर राज्य के अन्य हिस्सों के तरह गुवाहाटी के छह माइल के पंजाबारी इलाके में स्थित बकरी बाजार में ईद के मौके बाजार में लाए गए बकरों का दाम पिछले साल के तुलना में अधिक होने से लोग काफी परेशान हैं। मूल्य वृद्धि का असर मवेशी और में बकरी बाजार में साफ देखने को मिल रहा है। जिन बकरों को पिछले साल लोग 10 से 12 हजार में खरीद कर कुर्बानी दिए थे, उसी तरह के बकरों का इस बार 20 से 25 हजार रुपये मांगा जा रहा है । बकरों के बढ़ते दाम को लेकर व्यापारियों का कहना है कि पिछले वर्ष की तुलना में मवेशियों के असम की विभिन्न जगहों से लाने में काफी किराया लगा है । वहीं, पालने में भी खर्च ज्यादा लगता है। पेट्रोल डीजल के बढ़ते दामों को मूल्य वृद्धि का असली करण बताया गया है। राज्य में सख्त पशु कानून लागू होने के बाद राज्य के मुसलमान इस बार पिछले वर्ष की तुलना में गायों की कुर्बानी नहीं कर रहे हैं। जिसकी वजह से हर वर्ष की तुलना में हजारों की संख्या में राज्य के अलावा अन्य राज्यों से भी बकरा गुवाहाटी के बाजार में बेचने के लिए लाया गया है। राज्य में गायों की कुर्बानी न होना भी बकरों के मूल्य में वृद्धि का एक कारण बताया गया है। हर साल ईद-उल-अजहा पर बकरे या अन्य वैध पशुओं की कुर्बानी देने की परंपरा है।बकरीद मुख्य रूप से त्याग, आस्था और बलिदान का पर्व है। यह पैगंबर हज़रत इब्राहिम द्वारा अल्लाह के हुक्म पर अपने बेटे हज़रत इस्माइल को कुर्बानी के लिए ले जाने के बाद हजरत इस्माइल की जगह दुम्मा की कुर्बानी रब ने मंजूर फरमाया था।

हिन्दुस्थान समाचार / असरार अंसारी