एपीडब्ल्यूडब्ल्यूएस ने राजधानी में श्रमिकों की अवैध आपूर्ति का लगाया आरोप
इटानगर, 20 मई (हि.स.)। अरुणाचल प्रदेश श्रमिक कल्याण संस्था (एपीडब्ल्यूडब्ल्यूएस) ने बुधवार को अंतरराज्यीय प्रवासी श्रमिकों और संविदा श्रमिकों की अवैध आपूर्ति और नियुक्ति के खिलाफ कार्रवाई की अपनी मांग दोहराई।
एपीडब्ल्यूडब्ल्यूएस के कार्यवाहक अध्यक्ष कार्बिया सोनम ने कहा कि कुछ व्यक्ति, ठेकेदार और एजेंसियां अधिनियम और नियमों के तहत उचित लाइसेंस प्राप्त किए बिना सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों को श्रमिक उपलब्ध करा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि प्राधिकरण संविदा श्रम (आर एंड ए) अधिनियम 1970 के तहत श्रम लाइसेंस या प्रतिष्ठान का पंजीकरण जारी करता था या अंतरराज्यीय प्रवासी कामगार (रोजगार और सेवा शर्तों का विनियमन) अधिनियम के तहत प्रतिष्ठान के पंजीकरण के माध्यम से लाइसेंस जारी करता था।सख्त कार्रवाई और अधिनियम के कार्यान्वयन के अभाव में श्रमिकों के शोषण का दावा करते हुए सोनम ने कहा कि अन्य राज्यों से जनसंख्या के अनियमित प्रवाह से राज्य में महिलाओं की सुरक्षा और संरक्षा खतरे में पड़ रही है।
सोनम ने कहा, “नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार को इन समस्याओं का स्थायी समाधान करने हेतु एक उचित नीति बनानी चाहिए।”
उन्होंने जोर देकर कहा कि इससे उचित श्रम प्रथाओं और मजदूरी में बाधा उत्पन्न होती है। सोसायटी ने यह भी आरोप लगाया कि ठेकेदार दिशानिर्देशों का उल्लंघन करते हुए श्रमिकों के लिए न्यूनतम मजदूरी तय कर रहे हैं और भुगतान कर रहे हैं।
सोसायटी ने चेतावनी दी कि यदि राज्य सरकार अरुणाचल प्रदेश में अवैध रूप से प्रवेश करने वाले व्यक्तियों पर रोक लगाने के लिए उचित नीति नहीं बनाती है, तो वे कानूनी कार्रवाई शुरू करेंगे।उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने अवैध श्रम आपूर्ति के संबंध में इटानगर राजधानी क्षेत्र के उपायुक्त को एक ज्ञापन सौंपा है।
हिन्दुस्थान समाचार / तागू निन्गी

