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जल विद्युत परियोजना के नाम पर करोड़ों रुपये के घोटाले का आरोप

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इटानगर, 28 अक्टूबर (हि.स.)। अरुणाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अनुसूचित जनजाति (आदिवासी) इकाई ने सियांग बेल्ट में प्रस्तावित 'सियांग अपर मल्टीपर्पज प्रोजेक्ट' को लेकर चल रहे विवाद और अशांति, तथा पूरे राज्य में जलविद्युत परियोजनाओं को लेकर राज्य सरकार की गतिविधियों पर गंभीर चिंता जताई है।

आज अरुणाचल प्रेस क्लब में मीडिया से बात करते हुए, अरुणाचल प्रदेश अनुसूचित जनजाति कांग्रेस मोर्चा के अध्यक्ष तमी पांगु ने दावा किया कि पिछले कुछ वर्षों में, भाजपा सरकार के कार्यकाल के दौरान, अरुणाचल प्रदेश सरकार ने राज्य को 8 बेसिनों में बांटकर लगभग 153 जलविद्युत परियोजनाओं के लिए समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि कई छोटी नदियों के लिए भी निजी कंपनियों के साथ ये समझौते किए गए और ये समझौते जनता से उचित परामर्श किए बिना ही कर लिए गए। उन्होंने अपनी जमीन और प्राकृतिक संसाधनों से जुड़े फैसलों में प्रभावित समुदायों की भागीदारी न होने पर चिंता जताई।

उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने जलविद्युत परियोजना विकसित करने वाली कंपनियों से करोड़ों रुपये का अग्रिम प्रीमियम भी वसूला है और परियोजना के नाम पर करोड़ों रुपये का घोटाल हो रहा है।

उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार जनता के साथ बातचीत करने की बात करती है, तो दूसरी तरफ जनता के विरोध के बावजूद प्रस्तावित परियोजनाओं को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने इस क्षेत्र पर पड़ने वाले संभावित परिणामों की ओर इशारा करते हुए चेतावनी दी कि अब स्थानीय जनता ने प्रस्तावित बांधों के खिलाफ आवाज उठाना शुरू कर दिया है—न केवल सियांग बेल्ट में, बल्कि सुबनसिरी बेल्ट में भी ऐसा ही हो रहा है। ऐसा इसलिए है क्योंकि, इनमें से ज्यादातर समझौते प्रभावित स्थानीय लोगों से बिना कोई परामर्श किए ही किए गए थे।

उन्होंने जोर देकर कहा कि जनता की चिंताओं को दूर किए बिना इन प्रस्तावित परियोजनाओं को लागू नहीं किया जा सकता। उन्होंने इन समझौतों, इनमें शामिल फंड और निर्णय लेने की प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग की।

इसके अलावा, उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि वे उन सभी समझौतों को रद्द करें, जिन पर ग्राम सभा या जनता से परामर्श किए बिना हस्ताक्षर किए गए थे। उन्होंने यह भी मांग की कि सरकार जनता के सामने यह खुलासा करे कि उसने कितना 'अपफ्रंट प्रीमियम' वसूला है और जनता से परामर्श करने के बाद ही इन समझौतों को फिर से आगे बढ़ाया जाए।

हिन्दुस्थान समाचार / तागू निन्गी