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राज्यपाल ने भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों के दर्शन को अरुणाचल प्रदेश के लिए एक पावन क्षण बताया

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इटानगर, 06 नवंबर (हि.स.)। अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल, लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) केटी परनाइक ने तवांग, बोमडिला और नामसाई में भगवान बुद्ध (शाक्यमुनि) के पवित्र अवशेषों के दर्शन को एक अत्यंत महत्वपूर्ण आध्यात्मिक अवसर बताया है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन लोगों की आस्था को गहरा करेगा, सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करेगा और समाज में शांति व सद्भाव को बढ़ावा देगा।

राज्यपाल ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश को बौद्ध विरासत का आशीर्वाद प्राप्त है, जहां सदियों से भगवान बुद्ध की शिक्षाओं ने करुणा, ज्ञान, अहिंसा और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व की भावना को पोषित किया है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन श्रद्धालुओं को इन पवित्र अवशेषों के प्रति सम्मान प्रकट करने और भगवान बुद्ध के साथ एक गहरा आध्यात्मिक जुड़ाव महसूस करने का एक दुर्लभ और अत्यंत भावपूर्ण अवसर प्रदान करता है। अपने धार्मिक महत्व के अलावा, यह अवसर मानवता को याद दिलाता है कि वास्तविक और स्थायी प्रगति का आधार आंतरिक शांति, नैतिक आचरण, दयालुता और सभी प्राणियों के प्रति सम्मान होना चाहिए।

राज्यपाल ने आशा व्यक्त की कि यह पावन अवसर हर हृदय में करुणा का संचार करेगा, युवा पीढ़ी को भारत की आध्यात्मिक विरासत को संजोने के लिए प्रेरित करेगा, और एक शांतिपूर्ण, समावेशी तथा सौहार्दपूर्ण समाज के निर्माण के सामूहिक संकल्प को और मजबूत करेगा।

अरुणाचल प्रदेश की जनता की ओर से, राज्यपाल ने इस ऐतिहासिक आयोजन को संभव बनाने के लिए संस्कृति मंत्रालय, राष्ट्रीय संग्रहालय (नई दिल्ली), इंटरनेशनल बुद्धिस्ट कॉन्फेडरेशन और 'होली रेलिक्स ऑफ शाक्यमुनि बुद्ध दर्शन कोऑर्डिनेशन कमेटी' (इटानगर) का हार्दिक आभार व्यक्त किया।

हिन्दुस्थान समाचार / तागू निन्गी