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चिरांगः जवाहर नवोदय विद्यालय में सृजनात्मक हिंदी लेखन कार्यशाला एवं हिंदी पुस्तक प्रदर्शनी का आयोजन

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चिरांगः जवाहर नवोदय विद्यालय में सृजनात्मक हिंदी लेखन कार्यशाला एवं हिंदी पुस्तक प्रदर्शनी का आयोजन


चिरांगः जवाहर नवोदय विद्यालय में सृजनात्मक हिंदी लेखन कार्यशाला एवं हिंदी पुस्तक प्रदर्शनी का आयोजन


चिरांग (असम), 30 सितम्बर (हि.स.)। नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति, बंगाईगांव के तत्वावधान में बंगाईगांव रिफाइनरी द्वारा आज जवाहर नवोदय विद्यालय, चिरांग में ‘सृजनात्मक हिंदी लेखन’ विषय पर कार्यशाला एवं हिंदी पुस्तक प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में हिंदी भाषा एवं साहित्य के प्रति रुचि विकसित करने के साथ-साथ उनकी कल्पनाशीलता, रचनात्मक अभिव्यक्ति और लेखन-कौशल को प्रोत्साहित करना था।

कार्यक्रम का शुभारंभ जवाहर नवोदय विद्यालय, चिरांग के प्राचार्य राकेश चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में हुआ। विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भाषा केवल विचारों की अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति की संवेदनाओं, कल्पनाओं और सृजनात्मक सोच को आकार देने का महत्वपूर्ण साधन है। उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित रूप से हिंदी साहित्य पढ़ने तथा अपने अनुभवों और कल्पनाओं को लेखन के माध्यम से अभिव्यक्त करने के लिए प्रेरित किया।

कार्यशाला के मुख्य संकाय सदस्य युवा कवि एवं रंगकर्मी मो. रहमान ने विद्यार्थियों को सृजनात्मक लेखन की विभिन्न विधाओं से परिचित कराया। कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण हिंदी पुस्तक प्रदर्शनी रही। प्रदर्शनी में हिंदी साहित्य, कविता, कहानी, बाल साहित्य, ज्ञान-विज्ञान तथा विभिन्न विषयों से संबंधित पुस्तकों का प्रदर्शन किया गया। हिंदीस्थान प्रकाशन, जयपुर के सहयोग से आयोजित इस प्रदर्शनी में विद्यार्थियों ने विशेष रुचि दिखाई। उन्होंने पुस्तकों को देखा, उनके विषयों की जानकारी प्राप्त की तथा अपनी पसंद की पुस्तकों के बारे में उत्सुकता से जानकारी ली।

इस अवसर पर बंगाईगांव रिफाइनरी की ओर से विद्यालयों एवं शैक्षणिक संस्थानों में हिंदी भाषा और साहित्य के प्रचार-प्रसार के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी भी दी गई। वक्ताओं ने कहा कि डिजिटल माध्यमों के बढ़ते प्रभाव के बीच पुस्तकों से जुड़ाव और नियमित पठन की आदत विद्यार्थियों के बौद्धिक एवं रचनात्मक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

कार्यक्रम के समापन पर आयोजकों ने विद्यार्थियों एवं विद्यालय परिवार के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यशाला और पुस्तक प्रदर्शनी ने विद्यार्थियों को हिंदी के अध्ययन, पठन और सृजनात्मक लेखन से जोड़ने की दिशा में एक सार्थक पहल के रूप में अपनी विशेष छाप छोड़ी।

हिन्दुस्थान समाचार / किशोर मिश्रा