गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज में पहली बार रोबोटिक हार्ट सर्जरी, दो दिनों में तीन मरीजों का सफल ऑपरेशन
गुवाहाटी, 26 सितंबर (हि.स.)। असम के स्वास्थ्य क्षेत्र में अत्याधुनिक चिकित्सा तकनीक के इस्तेमाल की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (जीएमसीएच) में पहली बार रोबोटिक तकनीक की मदद से जटिल हृदय शल्य चिकित्सा सफलतापूर्वक की गई। 25 और 26 सितंबर को दो दिनों में तीन मरीजों की रोबोटिक हृदय शल्य चिकित्सा सफलतापूर्वक पूरी की गई।
देश के प्रसिद्ध हृदय शल्य चिकित्सक और असम के पहले रोबोटिक हृदय शल्य चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. ऋत्विक राज भुइयां की देखरेख में जीएमसीएच के सीएन सेंटर के कार्डियक सर्जरी विभाग ने ये ऑपरेशन किए। राज्य में रोबोटिक तकनीक से जटिल हृदय रोगों की सर्जरी की शुरुआत को स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रगति के रूप में देखा जा रहा है।
इस अवसर पर 25 और 26 सितंबर को सीएन सेंटर में कार्डियक रोबोटिक सर्जरी कार्यशाला का आयोजन किया गया। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री अशोक सिंघल ने कार्यशाला में उपस्थित होकर राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था में अत्याधुनिक तकनीक को शामिल करने के महत्व पर जोर दिया।
सिंघल ने कहा कि असम सरकार राज्य की स्वास्थ्य सेवा व्यवस्था को आधुनिक और मजबूत बनाने पर विशेष ध्यान दे रही है। अत्याधुनिक तकनीक के माध्यम से राज्य के लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं राज्य में ही उपलब्ध कराना सरकार के प्रमुख उद्देश्यों में शामिल है। जीएमसीएच में रोबोटिक हृदय शल्य चिकित्सा की शुरुआत इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने कहा कि चिकित्सा विज्ञान में तेजी से हो रहे बदलावों के अनुरूप राज्य के चिकित्सा संस्थानों में भी नई तकनीकों को अपनाना आवश्यक है। अत्याधुनिक तकनीक और विशेषज्ञ चिकित्सकों के ज्ञान एवं कौशल का समन्वय मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने में नई संभावनाएं पैदा कर सकता है।
कार्यशाला के दौरान डॉ. ऋत्विक राज भुइयां ने जीएमसीएच के हृदय रोग विशेषज्ञों और चिकित्सकों को रोबोटिक सर्जरी के विभिन्न पहलुओं का प्रशिक्षण दिया। इसमें रोबोटिक तकनीक का इस्तेमाल, शल्य चिकित्सा की तकनीक तथा आधुनिक हृदय शल्य चिकित्सा के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी गई।
कार्यशाला में चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ. मनोज कुमार चौधरी, जीएमसीएच के प्राचार्य डॉ. बाबुल बेजबरुवा, अधीक्षक डॉ. देवजीत चौधरी सहित कई चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी मौजूद थे।
उल्लेखनीय है कि डॉ. ऋत्विक राज भुइयां पिछले 27 वर्षों से ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन के मैनचेस्टर और दिल्ली सहित विभिन्न प्रमुख चिकित्सा संस्थानों में हृदय शल्य चिकित्सक के रूप में सेवाएं दे चुके हैं। वह वर्तमान में नई दिल्ली के ओखला स्थित फोर्टिस एस्कॉर्ट्स अस्पताल के वयस्क हृदय शल्य चिकित्सा विभाग के निदेशक हैं।
जीएमसीएच में रोबोटिक हृदय शल्य चिकित्सा की शुरुआत से असम में हृदय रोगियों के लिए अत्याधुनिक उपचार की संभावनाओं का विस्तार हुआ है। उन्नत तकनीक, विशेषज्ञ चिकित्सकों और प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों के समन्वय से राज्य में जटिल हृदय रोगों के उपचार की दिशा में नई संभावनाएं खुलने की उम्मीद है।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश

