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पीयूष हजारिका ने कार्बी आंगलोंग में कृषि और सिंचाई योजनाओं की समीक्षा की

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पीयूष हजारिका ने कार्बी आंगलोंग में कृषि और सिंचाई योजनाओं की समीक्षा की


कार्बी आंगलोंग (असम), 19 अगस्त (हि.स.)। असम के कृषि एवं सिंचाई मंत्री तथा कार्बी आंगलोंग के प्रभारी मंत्री पीयूष हजारिका ने बुधवार को तारालांगसो में कृषि अवसंरचना कोष (एआईएफ) और अन्य विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन की व्यापक समीक्षा की। बैठक में केएएसी के मुख्य कार्यकारी सदस्य तुलीराम रोंगहांग, स्थानीय विधायक और कार्यकारी सदस्य मौजूद रहे।

हजारिका ने स्थानीय कृषि उद्यमियों से एआईएफ योजना का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया। इस योजना के तहत दो करोड़ रुपये तक के ऋण पर तीन प्रतिशत ब्याज अनुदान दिया जाता है।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री की पहल के तहत इस वर्ष मुख्यमंत्री कृषि उत्कृष्टता पुरस्कार से 1,000 प्रगतिशील किसानों को एक-एक लाख रुपये दिए जाएंगे। पांच वर्षों में कुल 10,000 किसानों को इस योजना के दायरे में लाने का लक्ष्य रखा गया है।

मंत्री ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) के विस्तार की भी समीक्षा की। राज्य में वर्तमान में 18.6 लाख लाभार्थी हैं और रोजाना करीब 6,000 किसानों का पंजीकरण किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को भूमि स्वामित्व से जुड़े मामलों का शीघ्र समाधान करने का निर्देश दिया। इस संबंध में 24 अगस्त को गुवाहाटी में उच्चस्तरीय बैठक प्रस्तावित है।

हजारिका ने ऑयल पाम की खेती, अनानास प्रसंस्करण तथा बड़े पैमाने पर पौधरोपण को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया। कृषि विभाग का लक्ष्य पांच वर्षों में 25 करोड़ पौधे वितरित करना है, जिसमें सुपारी, कोको, नारियल और मखाना सहित विभिन्न फसलों के पौधे शामिल हैं।

सिंचाई विभाग की समीक्षा के दौरान बताया गया कि सात योजनाएं पूरी तरह कार्यशील हैं, जबकि, 281 योजनाएं आंशिक रूप से कार्यशील हैं और इनके जरिए करीब 19,000 हेक्टेयर क्षेत्र को कवर किया जा रहा है। मंत्री ने 119 बंद पड़ी योजनाओं को पुनर्जीवित करने की संभावनाएं तलाशने तथा लिफ्ट सिंचाई, नहरों और पीएम-कुसुम योजना का प्रभावी उपयोग करने का निर्देश दिया, ताकि राज्य में चार लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई का लक्ष्य हासिल किया जा सके।

बाद में हजारिका ने सर्टालिन ऑडिटोरियम में एआईएफ पर आयोजित जनसभा को संबोधित किया। इसमें प्रगतिशील किसान, उद्यमी और प्रमुख बैंक अधिकारी शामिल हुए। उन्होंने जिला कृषि अधिकारी को मौजूदा आठ किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) की संख्या बढ़ाने का निर्देश दिया तथा एक लाभार्थी को एआईएफ ऋण स्वीकृति का चेक सौंपा।

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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश