गुवाहाटी में विहिप ने मनायी अशोक सिंघल की जन्म शताब्दी
गुवाहाटी, 04 अक्टूबर (हि.स.)। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के लंबे समय तक अध्यक्ष रहे अशोक सिंघल की शताब्दी जयंती के अवसर पर आज गुवाहाटी के श्रीमंत शंकरदेव कलाक्षेत्र के माधवदेव प्रेक्षागृह में विहिप के उत्तर पूर्व प्रांत के सौजन्य से एक सभा का आयोजन किया गया।
इस सभा में मुख्य रूप से माजुली स्थित उत्तर कमलाबारी सत्र (मठ) के सत्राधिकार श्रीश्री जनार्दनदेव गोस्वामी प्रभु, विहिप के केंद्रीय सह संगठन मंत्री विनायक राव देशपांडेय, असम सरकार के कैबिनेट मंत्री अशोक सिंघल के साथ अन्य संत एवं गणमान्य व्यक्तियों ने हिस्सा लिया।
सभा में उपस्थित वक्ताओं ने अशोक सिंघल के जीवन पर्यंत हिंदुत्व की रक्षा के लिए उठाए गये कदमों एवं आंदोलनों का जिक्र करते हुए उन्हें याद किया। ज्ञात हो कि अशोक सिंघल का जन्म 27 सिंतबर, 1926 को हुआ था। वे अभियंता थे, लेकिन अपने जीवन को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और हिंदू समाज की सेवा के लिए अर्पित कर दिया।
अशोक सिंघल के द्वारा अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए चलाया गया जन्मभूमि आंदोलन एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। वे ओजस्वी वक्ता एवं सांगठनिक दक्षता के चलते सभी के प्रिय थे। हिंदू समाज को एकजुट किया, धर्म, संस्कृति और समाज सेवा प्रचार के लिए उन्होंने काम किया। ज्ञात हो कि 17 नवंबर, 2015 को उन्होंने गुरुग्राम में अंतिम सांस ली। वे हिंदू आंदोलन के एक निष्ठावान और प्रखर वक्ता के रूप में जाने जाते थे।
सभा में उपस्थित वक्ताओं ने अशोक सिंघल के असम दौरे को लेकर भी चर्चा करते हुए असम के साथ उनके संबंधों का जिक्र किया। साथ ही कहा कि उनके विचार हमेशा समाज के बीच जीवंत बने रहेंगे।
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हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय

