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पूर्वोत्तर में रेल कनेक्टिविटी और यात्री सुविधाओं के विस्तार पर जोर, जेडआरयूसीसी की 98वीं बैठक में व्यापक चर्चा

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पूर्वोत्तर में रेल कनेक्टिविटी और यात्री सुविधाओं के विस्तार पर जोर, जेडआरयूसीसी की 98वीं बैठक में व्यापक चर्चा


गुवाहाटी, 25 अगस्त (हि.स.)। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (पूसीरे) की क्षेत्रीय रेल उपयोगकर्ता परामर्शदात्री समिति (जेडआरयूसीसी) की 98वीं बैठक मंगलवार को पूसीरे मुख्यालय, मालीगांव में आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता पूसीरे के महाप्रबंधक चेतन कुमार श्रीवास्तव ने की, जबकि कार्यवाही का संचालन उप महाप्रबंधक (डीजीएम) एवं जेडआरयूसीसी के सचिव अनुराग अग्रवाल ने किया। बैठक में पूर्वोत्तर क्षेत्र में रेल सेवाओं के विस्तार, बुनियादी ढांचे के विकास, यात्री सुविधाओं में सुधार और कनेक्टिविटी को मजबूत करने से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर व्यापक विचार-विमर्श किया गया।

बैठक में सांसद डॉ. जयंत कुमार राय (जलपाईगुड़ी), खगेन मुर्मू (मालदा उत्तर), तापिर गाव (अरुणाचल पूर्व), डॉ. इन्द्रा हांग सुब्बा (सिक्किम), कृपनाथ मल्लाह (करीमगंज, असम) तथा एस. फांगनोन कोन्याक (नगालैंड) ने भाग लिया। विधायक ए. पोंगशी फोम (नगालैंड) और लेफ्टिनेंट कर्नल क्लेमेंट लालमिंगथांगा (मिजोरम) भी बैठक में मौजूद रहे। इसके अलावा विभिन्न राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारी, सांसदों के प्रतिनिधि, रेल उपयोगकर्ता संघों एवं संगठनों के प्रतिनिधि तथा पूर्वोत्तर राज्यों, पश्चिम बंगाल और बिहार से जुड़े अन्य सदस्य भी उपस्थित थे।

बैठक में सदस्यों का स्वागत करते हुए महाप्रबंधक चेतन कुमार श्रीवास्तव ने रेल सेवाओं से संबंधित विभिन्न विषयों पर उनके सुझाव और विचार आमंत्रित किए। उन्होंने आश्वासन दिया कि सदस्यों द्वारा दिए गए व्यावहारिक सुझावों पर उचित रूप से विचार किया जाएगा तथा प्राथमिकता और उपलब्ध संसाधनों के अनुरूप उन्हें चरणबद्ध तरीके से लागू करने का प्रयास किया जाएगा।

महाप्रबंधक ने पूर्वोत्तर राज्यों की राजधानियों तक बेहतर रेल संपर्क उपलब्ध कराने सहित क्षेत्र में रेल कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए चल रही परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि रेलवे यात्रियों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए सेवाओं में निरंतर सुधार और क्षेत्र में अधिक सुविधाजनक एवं बेहतर रेल व्यवस्था उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

श्रीवास्तव ने पूसीरे की उपलब्धियों और विभिन्न क्षेत्रों में हुई प्रगति का उल्लेख करते हुए बताया कि रेलवे विद्युतीकरण का कार्य अब 4,170 रूट किलोमीटर (आरकेएम) तक पहुंच गया है। यात्रियों की आवश्यकताओं तथा रेल उपयोगकर्ताओं से प्राप्त सुझावों को ध्यान में रखते हुए 15 नई ट्रेन सेवाएं शुरू की गई हैं। इसके साथ ही 250 से अधिक अतिरिक्त ठहराव भी प्रदान किए गए हैं। इससे पूर्वोत्तर क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों के बीच रेल संपर्क और यात्रियों की सुविधा में सुधार हुआ है। उन्होंने ट्रेन सेवाओं के विस्तार, अतिरिक्त ठहराव, बाढ़ प्रभावित रेल सेवाओं की बहाली और आधारभूत संरचना के विकास के क्षेत्र में पूसीरे की निरंतर प्रगति की भी जानकारी दी।

महाप्रबंधक ने वर्धित बजटीय समर्थन और क्षेत्र की प्रमुख कनेक्टिविटी परियोजनाओं की प्रगति पर भी प्रकाश डाला। इनमें बइरबी-सायरंग रेलवे परियोजना, नगालैंड और अरुणाचल प्रदेश में चल रही विभिन्न रेलवे परियोजनाएं, तिनसुकिया तक रेल दोहरीकरण तथा नए सरायघाट पुल का निर्माण प्रमुख हैं। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से पूर्वोत्तर राज्यों में रेल नेटवर्क की क्षमता बढ़ेगी और यात्रियों तथा माल परिवहन दोनों के लिए बेहतर संपर्क उपलब्ध होगा।

बैठक में यात्री सुविधाओं के आधुनिकीकरण को भी प्रमुखता दी गई। श्रीवास्तव ने बताया कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 92 स्टेशनों के पुनर्विकास का कार्य किया जा रहा है। इसके साथ ही यात्रियों की सुविधा के लिए ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन (एटीवीएम), वाटर वेंडिंग मशीन और क्यूआर आधारित टिकटिंग जैसी आधुनिक सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। इन पहलों का उद्देश्य यात्रियों को अधिक सुविधाजनक, आधुनिक और तकनीक आधारित सेवाएं उपलब्ध कराना है।

महाप्रबंधक ने रेल परिचालन की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए सुरक्षा एवं वन्यजीव संरक्षण के लिए उन्नत तकनीकों के इस्तेमाल पर भी जोर दिया। पूर्वोत्तर क्षेत्र में वन्यजीवों की आवाजाही वाले क्षेत्रों को ध्यान में रखते हुए रेलवे की ओर से तकनीकी उपायों को मजबूत करने की दिशा में काम किया जा रहा है।

इसके साथ ही माल ढुलाई और लॉजिस्टिक्स ढांचे के विस्तार पर भी चर्चा हुई। इस क्रम में नए गति शक्ति कार्गो टर्मिनलों तथा जोगीघोपा मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क जैसी महत्वपूर्ण पहलों की प्रगति का उल्लेख किया गया।

बैठक के दौरान सांसदों और विधायकों ने अपने-अपने क्षेत्रों से संबंधित रेल सेवाओं और बुनियादी ढांचे के मुद्दे उठाए तथा विभिन्न सुझाव प्रस्तुत किए। सदस्यों ने बेहतर रेल संपर्क, यात्री सुविधाओं के विस्तार, ट्रेनों के ठहराव और क्षेत्र की परिवहन आवश्यकताओं के अनुरूप रेल सेवाओं को मजबूत करने से संबंधित विषयों पर अपने विचार रखे।

महाप्रबंधक चेतन कुमार श्रीवास्तव ने सभी सदस्यों को आश्वस्त किया कि प्राप्त सुझावों का व्यावहारिकता, प्राथमिकता और उपलब्ध संसाधनों के आधार पर परीक्षण किया जाएगा तथा आवश्यकतानुसार उन्हें चरणबद्ध तरीके से लागू करने का प्रयास किया जाएगा।

बैठक के समापन पर श्रीवास्तव ने सुरक्षित, आधुनिक, कुशल और यात्री-अनुकूल रेल व्यवस्था के प्रति पूसीरे की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने सदस्यों के मार्गदर्शन, सुझावों और निरंतर सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर क्षेत्र में बेहतर रेल कनेक्टिविटी, आधुनिक यात्री सुविधाओं और मजबूत बुनियादी ढांचे के विकास से न केवल क्षेत्रीय आवागमन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि आर्थिक गतिविधियों, व्यापार और लॉजिस्टिक्स को भी गति मिलेगी। जेडआरयूसीसी की बैठक ने रेलवे, जनप्रतिनिधियों, राज्य सरकारों और रेल उपयोगकर्ताओं के बीच संवाद एवं सहयोग को मजबूत करने के लिए एक प्रभावी मंच प्रदान किया।

बैठक का समापन सार्थक विचार-विमर्श और सुझावों के आदान-प्रदान के साथ हुआ, जो पूर्वोत्तर में बेहतर रेल सेवाओं और ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय