जालुकबाड़ी दुर्गापूजा और पांडुघाट में प्रतिमा विसर्जन को लेकर बैठक
गुवाहाटी, 04 अक्टूबर (हि.स.)। शारदीय दुर्गा पूजा के आयोजन में कुछ ही दिन शेष हैं। जालुकबाड़ी थाने के अधीन करीब 85 छोटी-बड़ी सार्वजनिक दुर्गापूजा समितियों ने इस वर्ष अनुमति के लिए आवेदन किया है।
इन पूजा के सुचारू और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न होने को लेकर पूजा सहभागिता समितियों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। पुलिस और प्रशासन के निर्धारित नियमों व कानूनों का पालन करते हुए पूजा के आयोजन और पांडुघाट में प्रतिमा विसर्जन को सुव्यवस्थित ढंग से पूरा करने के उद्देश्य से रविवार को मालीगांव बोरीपारा स्थित कर्मश्री हितेश्वर सैकिया सभागार में एक आम सभा आयोजित की गई।
पांडुघाट विसर्जन समिति और जालुकबाड़ी थाने की संयुक्त पहल पर आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता पांडुघाट विसर्जन समिति के अध्यक्ष निमाई चंद्र दास ने की। बैठक के उद्देश्य की व्याख्या सचिव द्विजेन लहकर ने की। बैठक में जालुकबाड़ी थाने के प्रभारी अधिकारी अमृत सिंह ने उपस्थित रहकर आगामी शारदीय दुर्गापूजा के सुचारू आयोजन और पांडुघाट में देवी प्रतिमा विसर्जन को लेकर चर्चा की। इसके अलावा, उन्होंने सभी से महानगर पुलिस प्रशासन के निर्धारित सभी नियमों का पालन करते हुए पूजा को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने का आह्वान किया।
पूजा समितियों ने पिछली बार देवी प्रतिमा विसर्जन के दौरान आई विभिन्न समस्याओं को उठाया। इनमें मुख्य समस्या यह थी कि सड़कों पर बिजली और टेलीफोन के तार लटके होने के कारण बड़ी प्रतिमाओं को सड़क मार्ग से ले जाने में जो कठिनाई होती है। बड़ी पूजा समितियों ने प्रशासन से इस पर ध्यान देने का अनुरोध किया।
बैठक में जालुकबाड़ी थाने के अंतर्गत आने वाली विभिन्न दुर्गापूजा समितियों के अध्यक्ष-सचिवों समेत सौ से अधिक प्रतिनिधि उपस्थित थे। इसके अलावा, पांडुघाट विसर्जन समिति के कार्यकारी अध्यक्ष श्यामल भट्टाचार्य सहित अन्य पदाधिकारी और सदस्य, नगर निगम क्षेत्र के कुछ पार्षद तथा पियल शंकर दे, आशीष सरकार, सुदेश कुमार जैन (मुन्ना), निरोद राय, अच्युत राजवंशी, परेश ठकुरीया, शिखा दे, प्रतिमा दे और इतिमा अहमद सहित नागरिक समिति और ग्राम रक्षक दल के सदस्य उपस्थित थे।
बैठक में सर्वसम्मति से आगामी कार्यकाल के लिए निमाई चंद्र दास को अध्यक्ष, श्यामल भट्टाचार्य को कार्यकारी अध्यक्ष और द्विजेन लहकर को महासचिव चुनकर पांडुघाट विसर्जन समिति का पुनर्गठन किया गया।
उल्लेखनीय है कि जिला और पुलिस प्रशासन के निर्देशानुसार सड़क बंद करके पंडाल का निर्माण नहीं किया जा सकता है। इसके साथ ही, रात 10 बजे के बाद डीजे बजाना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। रात 10 बजे के बाद पूजा पंडाल में केवल भक्ति संगीत बजाने की अनुमति होगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / देबजानी पतिकर

