सीमा सुरक्षा के लिए सतर्कता, एजेंसियों में समन्वय और आधुनिक तकनीक जरूरी: राज्यपाल आचार्य
गुवाहाटी, 15 अक्टूबर (हि.स.)। असम के राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने सीमा सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए सतर्कता, विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय और आधुनिक तकनीक के प्रभावी इस्तेमाल पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अवैध घुसपैठ, नशीले पदार्थों की तस्करी और सीमा पार आपराधिक गतिविधियों जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए समय पर खुफिया जानकारी साझा करना और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना आवश्यक है।
राज्यपाल गुरुवार को गुवाहाटी के अजारा स्थित सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के फ्रंटियर मुख्यालय में जवानों से संवाद कर रहे थे। उन्होंने कहा कि देश की सीमाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने में विभिन्न एजेंसियों के बीच आपसी तालमेल की महत्वपूर्ण भूमिका है।
दरअसल, राज्यपाल ने 'नमो मातृभूमि सुरक्षा एवं स्वावलंबन संकल्प सप्ताह' के तहत लोक भवन, असम और बीएसएफ की ओर से आयोजित 'सैनिक संवाद' कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने बीएसएफ जवानों के साहस, अनुशासन और निःस्वार्थ सेवा की सराहना करते हुए उन्हें देश की सीमाओं का समर्पित रक्षक बताया।
आचार्य ने देश की रक्षा में जवानों के बलिदान को नमन किया। उन्होंने विशेष रूप से कठिन और दुर्गम क्षेत्रों में तैनात उन जवानों के योगदान की सराहना की, जो अपने परिवारों से दूर रहकर देश की सुरक्षा में जुटे हैं।
राज्यपाल ने 1965 में स्थापना के बाद से बीएसएफ की गौरवशाली विरासत का उल्लेख करते हुए बल की पेशेवर कार्यशैली, उत्कृष्ट संचालन और राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति अटूट प्रतिबद्धता की प्रशंसा की। उन्होंने महिला जवानों की उपलब्धियों को भी रेखांकित करते हुए उनके दृढ़ संकल्प और उल्लेखनीय योगदान की सराहना की।
राज्यपाल ने कहा कि असम और पूर्वोत्तर का सामरिक महत्व काफी अधिक है। ऐसे में क्षेत्र में शांति, स्थिरता और विकास बनाए रखने के लिए सीमाओं की सुरक्षा के साथ-साथ सीमावर्ती समुदायों का सशक्तीकरण भी जरूरी है। उन्होंने देश की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया।
राज्यपाल ने विश्वास जताया कि बीएसएफ अपने आदर्श वाक्य 'जीवन पर्यंत कर्तव्य' के अनुरूप साहस, अनुशासन और समर्पण के साथ देश की सेवा करती रहेगी। उन्होंने जवानों के अच्छे स्वास्थ्य और निरंतर सफलता की कामना भी की।
कार्यक्रम में बीएसएफ के उप महानिरीक्षक विजय कुमार, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के कमांडेंट एबीके सिंह, वरिष्ठ अधिकारी, बीएसएफ जवान, एनसीसी स्वयंसेवक और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।---------
हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय

