गुवाहाटी में प्रज्ञा के सौजन्य से छह दिवसीय भारत माता पूजन 15 अक्टूबर से
गुवाहाटी, 12 अक्टूबर (हि.स.)। भारतीय सभ्यता-संस्कृति, सनातन परंपरा, राष्ट्रीय चेतना और देशभक्ति के महान आदर्श को नई पीढ़ी में फैलाने के उद्देश्य से प्रज्ञा के सौजन्य से ‘भारत माता पूजन-5128’ आयोजित किया जा रहा है। आगामी 15 से 20 अक्टूबर तक गुवाहाटी के चांदमारी स्थित असम अभियांत्रिक संस्थान के खेल मैदान में छह दिवसीय कार्यक्रमों के साथ विभिन्न कार्यक्रम आयोजित होंगे। यह जानकारी आयोजन समिति की अध्यक्ष डॉ. मल्लिका कंडली और सचिव डॉ. कुलदीप पाटगिरि ने दी।
उल्लेखनीय है कि, भारत के गौरवशाली इतिहास, प्राचीन ज्ञान-साधना, आध्यात्मिक परंपरा और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को याद करने के साथ-साथ नई पीढ़ी में देशभक्ति, नैतिक मूल्य, सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्रीय एकता की भावना जागृत करना ही भारत माता पूजन समारोह का मुख्य उद्देश्य है।
इस बार के भारत माता पूजन का एक विशेष आकर्षण 15 अक्टूबर की सुबह 10 बजे देशभक्ति गीत पर दलीय नृत्य प्रतियोगिता, शाम 4:30 बजे भारत माता के सामने दीप प्रज्वलन और प्रदर्शनी का उद्घाटन और 5 बजे खुली सभा तथा अखंड भारतवर्ष की विशाल प्रतिमा के चारों ओर आध्यात्मिक और संगीत से ओतप्रोत परिक्रमा होगी। हजारों छात्र-छात्राओं, युवा-युवतियों की आवाज में राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' का सामूहिक प्रदर्शन और वाल्मीकि संगीत विद्यालय के 500 कलाकारों का सामूहिक नृत्य प्रदर्शन भी होगा। 16 अक्टूबर की शाम 5 बजे 'गुरु पूजन' कार्यक्रम और 'अकणि के रामधेनु' शीर्षक के तहत सांस्कृतिक कार्यक्रम होगा। 17 अक्टूबर की सुबह 11 बजे 'कन्या पूजन' और शाम 5 बजे 'महियासी मातृ सम्मान' कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। इसके अलावा प्रतिदिन शाम लोकसंगीत, लोकनृत्य, लोकवाद्य, ध्रुपदी नृत्य, जनजातीय कला-संस्कृति और पारंपरिक माजुली का मुखा कला के नाट्याभिनय के साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रमों में 'गीतिमालिका', 'स्रोतस्विनी', 'सोनाली सुर के सुवास', 'सुरिया संध्या' शीर्षक के तहत सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
इसके अलावा, प्रत्येक दिन शाम को बच्चों का मनोरंजन और ज्ञानवर्धन करने के लिए कठपुतली नृत्य प्रदर्शन और वंदे मातरम गीत के आधार पर लेजर लाइट शो का आयोजन किया जाएगा। समारोह के पहले दिन भारत की गौरवशाली परंपरा और प्राचीन सांस्कृतिक विरासत के विभिन्न पहलुओं को समेटते हुए एक आकर्षक प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा, जो प्रतिदिन सुबह 10 बजे से दर्शकों के लिए खुला रहेगा। इस प्रदर्शनी के माध्यम से दर्शक भारतीय सभ्यता, संस्कृति और परंपराओं के विभिन्न पहलुओं के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। आयोजक समिति ने गुवाहाटी के साथ-साथ असम के विभिन्न हिस्सों के लोग, शिक्षाविद्, सांस्कृतिक कार्यकर्ता, छात्र-छात्राएं, युवाओं को इस कार्यक्रम से जुड़कर इसे सफल बनाने का आह्वान किया गया है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय

