राज्यपाल ने ‘राष्ट्र प्रथम–नेशन फर्स्ट’ कार्यक्रम का किया शुभारंभ, राष्ट्रीय कर्तव्य के प्रति प्रतिबद्धता का आह्वान
गुवाहाटी, 08 अक्टूबर (हि.स.)। असम के राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने गुरुवार को नारंगी स्थित सेना की 51 सब एरिया में ‘राष्ट्र प्रथम–नेशन फर्स्ट’ कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर 51 सब एरिया के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (जीओसी) मेजर जनरल एके शर्मा सहित सेना के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि ‘राष्ट्र प्रथम’ प्रत्येक नागरिक के राष्ट्रीय कर्तव्य और जिम्मेदारी का मार्गदर्शक सिद्धांत होना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश के प्रति सच्चा प्रेम केवल शब्दों में नहीं, बल्कि अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों के प्रति ईमानदारी, अनुशासन और समर्पण के माध्यम से व्यक्त होता है।
आचार्य ने नागरिकों से व्यक्तिगत हितों से ऊपर राष्ट्रीय हित को प्राथमिकता देने तथा देश को मजबूत, एकजुट और आत्मनिर्भर बनाने में योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जब प्रत्येक नागरिक ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना को अपनाएगा, तो राष्ट्रीय कर्तव्य सामूहिक प्रतिबद्धता और देशभक्ति जीवन का हिस्सा बन जाएगी।
राज्यपाल ने भारतीय सशस्त्र बलों के साहस, शौर्य और समर्पण को नमन करते हुए देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीदों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने वीर नारियों और शहीद सैनिकों के परिवारों के प्रति भी सम्मान व्यक्त किया।
उन्होंने पूर्वोत्तर में शांति और स्थिरता बनाए रखने में सशस्त्र बलों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से क्षेत्र में विकास, संपर्क, शिक्षा और रोजगार के लिए सुरक्षित वातावरण तैयार हुआ है।
‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘आत्मनिर्भर रक्षा क्षमता’ के दृष्टिकोण का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने कहा कि भारत रक्षा उपकरणों के प्रमुख खरीदार से आगे बढ़कर उन्नत रक्षा प्रणालियों के डिजाइन, निर्माण और निर्यात करने वाला देश बन रहा है। उन्होंने वैज्ञानिकों, इंजीनियरों, रक्षा उद्योगों, स्टार्टअप और युवाओं के योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि देश ‘मेक इन इंडिया’ से ‘मेक फॉर द वर्ल्ड’ की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
राज्यपाल ने सशस्त्र बलों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारतीय बेटियां चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारियां और नेतृत्व की भूमिकाएं निभा रही हैं, जो राष्ट्र निर्माण और राष्ट्रीय सेवा में नारी शक्ति की क्षमता को दर्शाता है।
कार्यक्रम में मौजूद एनसीसी और एनएसएस कैडेटों को संबोधित करते हुए आचार्य ने उनसे अपने आचरण और कार्यों की नींव ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना को बनाने का आह्वान किया। उन्होंने युवाओं से अपने अधिकारों और कर्तव्यों के बीच संतुलन समझने तथा अपनी ऊर्जा, प्रतिभा और आकांक्षाओं को राष्ट्र सेवा के लिए समर्पित करने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि भारत का सामूहिक लक्ष्य एक सुरक्षित, समृद्ध, आत्मनिर्भर, आधुनिक और विकसित राष्ट्र का निर्माण करना तथा 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार करना है। राज्यपाल ने नागरिकों, विशेषकर युवाओं, से देश की एकता, अखंडता, संप्रभुता और सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्ध रहने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में वरिष्ठ सैन्य अधिकारी, वीर नारियां, पूर्व सैनिक, एनसीसी एवं एनएसएस स्वयंसेवक तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश

