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पूर्व सैनिकों के कल्याण पर राज्य स्तरीय समिति की 49वीं बैठक

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पूर्व सैनिकों के कल्याण पर राज्य स्तरीय समिति की 49वीं बैठक


गुवाहाटी, 14 सितंबर (हि.स.)। असम के राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने सोमवार को दिसपुर स्थित नाबार्ड परिसर के सम्मेलन कक्ष में सशस्त्र सेना झंडा दिवस कोष के प्रशासन तथा पूर्व सैनिकों के कल्याण एवं पुनर्वास से संबंधित राज्य प्रबंध समिति की 49वीं बैठक की अध्यक्षता की।

बैठक में पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों के लिए संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा की गई। इसमें पुनर्वास, शिकायतों के समयबद्ध निपटारे तथा कल्याणकारी सुविधाओं तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।

राज्यपाल ने कहा कि असम का इतिहास वीरता और देशभक्ति की गौरवशाली परंपरा से जुड़ा है। वीर लाचित बरफूकन से लेकर परमवीर चक्र, महावीर चक्र और वीर चक्र से सम्मानित वीर सैनिकों तक राज्य ने देश के लिए महान योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य की जिम्मेदारी है कि किसी शहीद परिवार, पूर्व सैनिक या वीर नारी को उपेक्षित अथवा असहाय महसूस न करना पड़े।

आचार्य ने असम के सैनिक कल्याण निदेशालय द्वारा ब्रिगेडियर पोलाश चौधरी (सेवानिवृत्त) के नेतृत्व में किए जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने सात आकांक्षी जिलों में विकास परियोजनाओं में पूर्व सैनिकों के अनुभव और पेशेवर दक्षता के उपयोग की पहल की प्रशंसा करते हुए इसे राज्य के सभी जिलों में विस्तार देने का आह्वान किया।

उन्होंने 14 यूपीएससी योग्य अभ्यर्थियों के लिए निःशुल्क एसएसबी प्रशिक्षण, सिलचर में 190 युवाओं के लिए पूर्व-भर्ती प्रशिक्षण तथा सैनिक स्कूल गोलाघाट और सैन्य विद्यालयों में प्रवेश के लिए संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रमों की भी सराहना की।

राज्यपाल ने पिछले एक वर्ष में 60 से अधिक पूर्व सैनिक रैलियों के आयोजन और ‘जन सुनवाई’ व्यवस्था को संस्थागत रूप देने की पहल का स्वागत किया। उन्होंने प्रस्तावित ‘सैनिक संवाद’ टैब शुरू करने पर भी जोर दिया और पूर्व सैनिकों की शिकायतों के सरल एवं त्वरित समाधान के लिए संवेदनशील व्यवस्था विकसित करने की बात कही।

उन्होंने दीघलीपुखुरी स्थित राज्य युद्ध स्मारक में निर्मित ‘हट ऑफ रिमेंबरेंस’ तथा एनएफ रेलवे के सहयोग से गुवाहाटी रेलवे स्टेशन पर असम के चक्र श्रेणी के वीरता पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं के चित्र और उनकी वीर गाथाएं स्थायी रूप से प्रदर्शित करने की पहल की भी सराहना की।

डिजिटल शासन के महत्व को रेखांकित करते हुए आचार्य ने ‘ई-प्रस्तुति’ वेब पोर्टल की शुरुआत की सराहना की। उन्होंने पोर्टल को नियमित रूप से अद्यतन रखने तथा पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के बीच इसके उपयोग को लेकर जागरूकता बढ़ाने का निर्देश दिया।

राज्यपाल ने कहा कि सशस्त्र सेना झंडा दिवस कोष सैनिकों और समाज के बीच विश्वास, सम्मान और कृतज्ञता का सेतु है। उन्होंने कहा कि पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों का कल्याण सामूहिक जिम्मेदारी है तथा लोक भवन, असम उनके सम्मान, गरिमा और कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है।

बैठक में नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक जी रमेश कुमार, एयर मार्शल अंजन कुमार गोगोई, लेफ्टिनेंट जनरल आरपी कालिता, मेजर जनरल एके शर्मा, कमोडोर केसी चौधरी, एयर कमोडोर वीपी सिंह सहित सेना और राज्य प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सैनिक कल्याण निदेशक ब्रिगेडियर पोलाश चौधरी (सेवानिवृत्त) ने पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों के लिए सेवाओं को मजबूत करने तथा सैनिक बोर्ड को पुनर्जीवित करने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी दी।

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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश