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सेवा संकल्प सप्ताह के तहत आयोजित रक्तदान शिविर में राज्यपाल की सहभागिता

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सेवा संकल्प सप्ताह के तहत आयोजित रक्तदान शिविर में राज्यपाल की सहभागिता


गुवाहाटी, 22 फरवरी (हि.स.)। सेवा संकल्प सप्ताह के अंतर्गत लोक भवन, असम द्वारा राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य के नेतृत्व में भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी, असम राज्य शाखा के सहयोग से आज चांदमारी स्थित आईआरसीएस परिसर में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया।

इस अवसर पर राज्यपाल आचार्य ने कहा कि रक्तदान मानवता की सेवा का एक श्रेष्ठ और पवित्र कार्य है। उन्होंने कहा कि लोक भवन और भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी, असम राज्य शाखा की संयुक्त पहल मानवीय सेवा की एक सराहनीय पहल है। उन्होंने बताया कि यह शिविर करुणा, सहानुभूति और निस्वार्थ सेवा जैसे मूल्यों का प्रतीक है, जिन्हें रेड क्रॉस निरंतर अपने मानवीय प्रयासों के माध्यम से आगे बढ़ाता रहा है।

राज्यपाल ने कहा कि यह रक्तदान शिविर असम की सामूहिक सेवा भावना, सामाजिक जिम्मेदारी और मानवता के प्रति साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने उल्लेख किया कि भारतीय संस्कृति में सेवा को सदैव सर्वोच्च कर्तव्य माना गया है, जो राष्ट्र की सभ्यतागत परंपरा का आधार है। इतिहास और पौराणिक परंपराओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि त्याग और समर्पण की विरासत आज भी पीढ़ियों को प्रेरित करती है।

असम की सांस्कृतिक धरोहर का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने कहा कि श्रीमंत शंकरदेव की शिक्षाएं समाज को सेवा को जीवन का वास्तविक उद्देश्य मानने की प्रेरणा देती हैं। उन्होंने भारत रत्न डॉ. भूपेन हजारिका के अमर शब्द “मानुहे मानुहर बाबे” को उद्धृत करते हुए कहा कि मानव एकता और करुणा का संदेश रक्तदान जैसे अभियानों में सशक्त रूप से प्रतिबिंबित होता है।

रक्तदान को महान दान बताते हुए राज्यपाल ने कहा कि इससे जरूरतमंद मरीजों को नया जीवन मिलता है। उन्होंने कहा कि स्वैच्छिक रक्तदान से दाताओं को भी स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं, जैसे नई रक्त कोशिकाओं के निर्माण को प्रोत्साहन तथा हृदय संबंधी कुछ जोखिमों में कमी, साथ ही आत्मसंतोष की अनुभूति।

शिविर की विशेषता नियमित रक्तदाताओं की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। हरिमन डेका (96 बार), प्रकाश डी. आत्रेय (62 बार) और प्रबीन बरुवा (25 बार) को उनके अनुकरणीय योगदान के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया। राज्यपाल ने उन्हें युवाओं के लिए आदर्श बताते हुए कहा कि प्रत्येक रक्तदान एक अज्ञात जीवन को बचाने का मौन किंतु प्रभावशाली प्रयास है।

नागरिकों, विशेषकर युवाओं से स्वैच्छिक रक्तदान को सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में अपनाने का आह्वान करते हुए राज्यपाल ने वर्ष में कम से कम एक बार रक्तदान करने और दूसरों को भी प्रेरित करने की अपील की। उन्होंने भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी, असम राज्य शाखा की सराहना करते हुए कहा कि 5,000 से अधिक प्रशिक्षित स्वयंसेवकों और विस्तृत शाखा नेटवर्क के माध्यम से संगठन ने आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवाओं, प्राथमिक उपचार प्रशिक्षण और सामुदायिक कल्याण के क्षेत्र में राज्यभर में अपनी सशक्त पहचान स्थापित की है।

कार्यक्रम में भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी, असम राज्य शाखा के उपाध्यक्ष डॉ. पी अशोक बाबू, राज्यपाल के आयुक्त एवं सचिव एसएस मीनाक्षी सुंदरम, शाखा अध्यक्ष एके अब्सर हजारिका, पूर्व उपाध्यक्ष एवं पद्मश्री सम्मानित अजय दत्ता, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, चिकित्सक, नर्स, स्वयंसेवक तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश