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चुनाव 26: मतदान के दिन पहचान के लिए 12 वैकल्पिक दस्तावेज मान्य

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चुनाव 26: मतदान के दिन पहचान के लिए 12 वैकल्पिक दस्तावेज मान्य


कोकराझार (असम), 1 अप्रैल (हि.स.)। असम विधानसभा चुनाव 2026 के मद्देनज़र भारत निर्वाचन आयोग ने मतदान के दिन मतदाताओं की पहचान सुनिश्चित करने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि जिन मतदाताओं को निर्वाचक फोटो पहचान पत्र (ईपीआईसी) जारी किया गया है, उन्हें मतदान केंद्र पर वोट डालने से पहले इसे प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।

हालांकि, जिन मतदाताओं के पास ईपीआईसी उपलब्ध नहीं है, वे अपनी पहचान स्थापित करने के लिए आयोग द्वारा स्वीकृत 12 वैकल्पिक फोटो पहचान दस्तावेजों में से किसी एक का उपयोग कर सकते हैं। इनमें आधार कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, बैंक या डाकघर की फोटोयुक्त पासबुक, आयुष्मान भारत, स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) स्मार्ट कार्ड, भारतीय पासपोर्ट, फोटोयुक्त पेंशन दस्तावेज, सरकारी, सार्वजनिक उपक्रम, पब्लिक लिमिटेड कंपनी द्वारा जारी सेवा पहचान पत्र, सांसद, विधायक, विधान परिषद सदस्यों को जारी आधिकारिक पहचान पत्र तथा यूनिक डिसेबिलिटी आईडी (यूडीआईडी) कार्ड शामिल हैं।

निर्वाचन आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि ईपीआईसी में किसी प्रकार की टंकण त्रुटि या वर्तनी की गलती को नजरअंदाज किया जाएगा, बशर्ते मतदाता की पहचान स्थापित हो सके। लेकिन यदि फोटो में असमानता के कारण पहचान सुनिश्चित नहीं हो पाती है, तो संबंधित मतदाता को उपरोक्त वैकल्पिक दस्तावेजों में से किसी एक को प्रस्तुत करना होगा।

इसके अतिरिक्त, जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 20ए के तहत पंजीकृत प्रवासी (ओवरसीज) मतदाताओं की पहचान केवल उनके मूल पासपोर्ट के आधार पर ही की जाएगी। ऐसे मतदाताओं के लिए किसी अन्य दस्तावेज को मान्य नहीं माना जाएगा।

निर्वाचन आयोग के इन निर्देशों का उद्देश्य मतदान प्रक्रिया को पारदर्शी, निष्पक्ष और सुचारु बनाना है, ताकि प्रत्येक पात्र मतदाता बिना किसी बाधा के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सके।

हिन्दुस्थान समाचार / किशोर मिश्रा