गौहाटी हाईकोर्ट ने शिवसागर बाढ़ पर देबब्रत सैकिया की जनहित याचिका स्वीकार की
गुवाहाटी, 26 अगस्त (हि.स.)। गौहाटी हाईकोर्ट ने पूर्व नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व नाजिरा विधायक देबब्रत सैकिया की ओर से ऊपरी असम में आई भीषण बाढ़ को लेकर दायर जनहित याचिका (पीआईएल) स्वीकार कर ली है। अदालत ने असम और नगालैंड सरकार सहित संबंधित पक्षों को 3 नवंबर, 2026 तक विस्तृत जवाबी हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है।
याचिका में दिखौ नदी के तल में कथित अवैध खनन, नगालैंड के जलग्रहण क्षेत्रों में गतिविधियों तथा ऊपरी बांधों से पानी छोड़े जाने को बाढ़ के संभावित कारणों के रूप में उठाया गया है। सैकिया ने आरोप लगाया कि अवैध खनन रोकने के लिए पूर्व में दिए गए न्यायालय के निर्देशों को प्रभावी ढंग से लागू नहीं किया गया।
याचिका में 2018 और 2019 में दायर पूर्व की जनहित याचिकाओं का भी हवाला दिया गया है। सैकिया ने 2026 की बाढ़ के कारणों की वैज्ञानिक जांच, दिखौ और उसकी सहायक नदियों में अवैध खनन पर स्थायी रोक, प्रभावित परिवारों के लिए बेहतर मुआवजा तथा बांधों से पानी छोड़ने को लेकर असम-नगालैंड के बीच बेहतर समन्वय की मांग की है।
अदालत ने बाढ़ से बचाव के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों और तटबंध निर्माण सहित अन्य उपायों का भी विवरण मांगा है। मामले की अगली कार्रवाई में ऊपरी असम में आई भीषण बाढ़ के प्रशासनिक, पर्यावरणीय और अंतरराज्यीय पहलुओं की जांच की जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश

