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अरुणाचल सरकार ने की चार उच्चाधिकार समितियों के गठन की घोषणा

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इटानगर, 29 मई (हि.स.)। अरुणाचल प्रदेश सरकार ने अनुसूचित जनजाति बचाओ

आंदोलन द्वारा उठाई गई चार प्रमुख मांगों पर अरुणाचल आदिवासी मंच (एआईटीएफ), सामुदायिक संगठन (सीबीओ), अखिल अरुणाचल प्रदेश छात्र संघ (एएपीएसयू), अनुसूचित जनजाति बचाओ आंदोलन समिति, सरकारी

अधिकारियों और कानूनी विशेषज्ञों के साथ चर्चा के बाद आज चार उच्चाधिकार समितियों

का गठन किया है।

मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने आज बताया कि ये समितियां अरुणाचल प्रदेश अनुसूचित

जनजाति (एपीएसटी) प्रमाणपत्रों के पुनर्सत्यापन, गैर-एपीएसटी

संतान मुद्दे, ईन्नर लाईन परमिट (आईएलपी) ढांचे को सुदृढ़ करने और आईएलपी

दिशानिर्देश 2026 की समीक्षा तथा अवैध घुसपैठ पर विचार-विमर्श करेंगी।

प्रत्येक समिति का नेतृत्व कैबिनेट मंत्री स्तर के नेतृत्व में किया जाएगा और

इसमें एआईटीएफ, एएपीएसयू, अनुसूचित जनजाति बचाओ आंदोलन समिति के प्रतिनिधि, कानूनी विशेषज्ञ, शोधार्थी और महिला प्रतिनिधि शामिल होंगे ताकि एक संतुलित, समावेशी और कार्रवाईोन्मुखी प्रक्रिया सुनिश्चित हो सके।

मुख्यमंत्री ने बताया है कि समितियों के गठन की आधिकारिक अधिसूचना सोमवार तक जारी

कर दी जाएगी।

इस बीच, अरुणाचल प्रदेश जनजातीय संरक्षण आंदोलन समिति के सदस्य ने कहा कि मुख्यमंत्री

पेमा खांडू के साथ आज हुई बैठक को सकारात्मक और रचनात्मक बताया। परामर्श के बाद

हुई इस बैठक में सरकार ने उनकी चिंताओं का सकारात्मक जवाब देते हुए यह पुष्टि की

कि जनजातीय अधिकारों और संवैधानिक सुरक्षा उपायों की उनकी मांगें अपरिवर्तित

रहेंगी।

हिन्दुस्थान समाचार / तागू निन्गी