home page

फोरम ने सरकार से तीन सूत्री मांग के समाधान का किया आह्वान

 | 

इटानगर, 30 जुलाई (हि.स.)। यूनाइटेड अरुणाचल पीपल्स फोरम (यूएपीएफ) ने अपनी तीन मुख्य मांगों के समर्थन में एक शांतिपूर्ण रैली की घोषणा की। यह रैली 3 अगस्त को आकाशदीप बाज़ार से शुरू होकर आईजी पार्क के टेनिस कोर्ट तक जाएगी।

गुरुवार को अरुणाचल प्रेस क्लब में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए, फोरम के संयोजक चारू गोविन ने कहा कि प्रीपेड स्मार्ट मीटरिंग सिस्टम आर्थिक रूप से कमज़ोर परिवारों पर एक बड़ा बोझ बन गया है। उन्होंने दावा किया कि कई परिवार बैलेंस खत्म होने के तुरंत बाद अपने मीटर रिचार्ज नहीं कर पाते, जिससे बिजली की आपूर्ति बाधित हो जाती है और लोगों को परेशानियों का समाना करना परता है। इसलिए हमने राज्य सरकार से राज्य में स्मार्ट मीटर सिस्टम को खत्म करने की मांग की है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रीपेड रिचार्ज पर लगाए गए सर्विस और सुविधा शुल्क ने उपभोक्ताओं, खासकर बुज़ुर्ग नागरिकों और दूर-दराज़ के इलाकों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं, जिनकी डिजिटल पेमेंट सुविधाओं तक सीमित पहुंच है।

उन्होंने सभी घरेलू उपभोक्ताओं या ग्रामीण इलाकों के लिए प्रति माह 1,000 यूनिट तक मुफ्त बिजली की मांग करते हुए कहा कि अरुणाचल प्रदेश की विशाल जलविद्युत क्षमता का सीधा लाभ वहां के लोगों को मिलना चाहिए; जब दूसरे राज्य जलविद्युत परियोजनाओं के बिना मुफ्त बिजली दे सकते हैं, तो अरुणाचल प्रदेश क्यों नहीं?

अपनी तीसरी मांग पर ज़ोर देते हुए, जो इटानगर कैपिटल रीजन और उससे सटे कुछ किलोमीटर के इलाकों को रिज़र्वेशन (आरक्षित क्षेत्र) से बाहर करने को लेकर है, उन्होंने दावा किया कि वन विभाग के तहत रिज़र्वेशन की वजह से कई मानव बस्तियों को ज़मीन के कानूनी दस्तावेज़ नहीं मिल पा रहे हैं और निजी ज़मीन पर कोई विकास कार्य भी नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने बताया कि 1979 में, जब अरुणाचल प्रदेश एक केंद्र शासित प्रदेश था, तब बड़े हिस्सों को वन विभाग के तहत 'दुरपांग रिज़र्व्ड फॉरेस्ट' और 'वाइल्डलाइफ़ सैंक्चुअरी' घोषित किया गया था।

अंत में, उन्होंने सभी से इस शांतिपूर्ण रैली में शामिल होने की अपील की क्योंकि, यह मुद्दा जायज़ है और सभी के लिए चिंता का विषय है।

हिन्दुस्थान समाचार / तागू निन्गी