राज्यपाल ने सरकारी न्यूट्रिशन प्रोग्राम में स्थानीय पौष्टिक खाद्य पदार्थों को शामिल करने का किया आह्वान
इटानगर, 11 अगस्त (हि.स.)। अरुणाचल प्रदेश के प्रदेश खाद्य आयोग के अध्यक्ष, तार तारक ने आज इटानगर के लोक भवन में अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) केटी परनाइक से मुलाकात की।
उन्होंने खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने, सर्विस डिलीवरी में सुधार करने और यह सुनिश्चित करने पर चर्चा की कि कल्याणकारी योजनाओं का लाभ हर पात्र नागरिक तक पहुंचे, खासकर राज्य के दूरदराज और सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों तक।
राज्यपाल ने खाद्य सुरक्षा कार्यक्रमों को लागू करने में पारदर्शिता और जवाबदेही के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने आयोग को पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम, मिड-डे मील योजना और इंटीग्रेटेड चाइल्ड डेवलपमेंट सर्विसेज के नियमित सोशल ऑडिट को बढ़ावा देने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि ऐसे उपायों से कमियों की पहचान करने, लीकेज रोकने और कल्याणकारी योजनाओं में जनता का भरोसा बढ़ाने में मदद मिलेगी, साथ ही यह भी सुनिश्चित होगा कि लाभ सही लाभार्थियों तक पहुंचे।
गवर्नेंस में टेक्नोलॉजी की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए, राज्यपाल ने अनाज के कुशल वितरण के लिए डिजिटल टूल्स के अधिक उपयोग की सिफारिश की। उन्होंने इनेबल्ड ट्रांसपोर्टेशन, इलेक्ट्रॉनिक पॉइंट ऑफ़ सेल डिवाइस, आधार-इनेबल्ड ऑथेंटिकेशन और रियल-टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम के माध्यम से सप्लाई चेन के एंड-टू-एंड डिजिटाइजेशन का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि इन उपायों से पारदर्शिता बढ़ेगी, चोरी कम होगी और पूरे राज्य में अनाज की समय पर डिलीवरी सुनिश्चित होगी।
अपने अनुभव के आधार पर, राज्यपाल ने केवल भोजन की उपलब्धता से आगे बढ़कर न्यूट्रिशन सिक्योरिटी (पोषण सुरक्षा) पर ध्यान देने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने सरकारी न्यूट्रिशन प्रोग्राम में स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पौष्टिक खाद्य पदार्थों जैसे कि मोटे अनाज (मिलेट्स), फल, सब्जियां, अंडे और दालों को शामिल करने की वकालत की। उन्होंने कहा कि कुपोषण से निपटने और एक स्वस्थ अरुणाचल प्रदेश बनाने के लिए बच्चों, गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं और अन्य कमजोर वर्गों पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।
हिन्दुस्थान समाचार / तागू निन्गी

