कोकराझार रेलवे स्टेशन से पांच नाबालिग रेस्क्यू
–नौकरी का झांसा देकर गुजरात ले जाने की आशंका
कोकराझार (असम), 23 अगस्त (हि.स.)। मानव तस्करी, नशीली दवाओं की तस्करी एवं अन्य असामाजिक गतिविधियों के खिलाफ चलाए जा रहे तलाशी एवं जांच अभियान के दौरान कोकराझार रेलवे स्टेशन से सुरक्षा बलों ने पांच नाबालिगों को रेस्क्यू किया। इनमें तीन नाबालिग लड़के और दो नाबालिग लड़कियां शामिल हैं। यह अभियान एसएसबी की 6वीं बटालियन, रानीघुली (इंटेलिजेंस सेटअप) द्वारा आरपीएफ कोकराझार के पर्यवेक्षण में आरपीएफ/एसआईबी, अलीपुरद्वार के कर्मियों के सहयोग से चलाया गया।
आरपीएफ सूत्रों ने आज बताया है कि बीते 22 अगस्त की दोपहर करीब 3 बजे से कोकराझार रेलवे स्टेशन पर तलाशी अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान शाम को प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर तीन नाबालिग लड़के और दो नाबालिग लड़कियां संदिग्ध अवस्था में घूमते हुए पाए गए। पूछताछ के दौरान वे कोई रेलवे टिकट प्रस्तुत नहीं कर सके और अपने सफर के संबंध में संतोषजनक जवाब भी नहीं दे पाए।
सौहार्दपूर्ण तरीके से पूछताछ करने पर नाबालिगों ने बताया कि वे अपने अभिभावकों को बिना बताए अपने-अपने घरों से निकल आए थे। कथित तौर पर एक अज्ञात व्यक्ति ने उन्हें निजी नौकरी का झांसा दिया था और वे रोजगार की तलाश में गुजरात जाने के लिए दक्षिण की ओर जाने वाली ट्रेन संख्या 09526 डीएन एनएचएलएन-एचएपीए स्पेशल से यात्रा करने वाले थे।
इसके बाद नाबालिगों को सुरक्षित रूप से आरपीएफ पोस्ट लाया गया। उनके द्वारा उपलब्ध कराए गए अभिभावकों के मोबाइल नंबरों पर संपर्क करने पर पता चला कि पांचों नाबालिग 22 अगस्त की सुबह से अपने-अपने घरों से लापता थे। सभी नाबालिग असम के बाक्सा जिले के रहने वाले बताए गए हैं। घटना की जानकारी उनके अभिभावकों को दी गई और उन्हें कोकराझार रेलवे स्टेशन ले जाया गया।
रेस्क्यू किए गए सभी नाबालिगों का आरएनबी सिविल अस्पताल, कोकराझार में चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया। इसके बाद चाइल्ड हेल्पलाइन, कोकराझार के प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर के माध्यम से नाबालिग लड़कों को गुवान चिल्ड्रेन होम, कोकराझार तथा नाबालिग लड़कियों को चाइल्ड डेस्टिनेशन होम, चंद्रपारा में आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए सौंप दिया गया।
इस संबंध में कोकराझार जीआरपी/पीपी में जीडीई संख्या 25, दिनांक 22 अगस्त, 2026 दर्ज किया गया है। मामले की आगे की जांच एवं आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
हिन्दुस्थान समाचार / किशोर मिश्रा

