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जोरहाट में हनी ट्रैपिंग और रंगदारी मामले में पांच गिरफ्तार, महिला मास्टरमाइंड भी पकड़ी गई

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जोरहाट में हनी ट्रैपिंग और रंगदारी मामले में पांच गिरफ्तार, महिला मास्टरमाइंड भी पकड़ी गई


जोरहाट (असम), 07 अक्टूबर (हि.स.)। असम के जोरहाट जिले में हनी ट्रैपिंग और ब्लैकमेलिंग के जरिए रंगदारी वसूलने के कथित गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ करते हुए दो महिलाओं समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई तिनसुकिया निवासी एक निजी बैंक के प्रबंधक की शिकायत के आधार पर की गई।

जोरहाट सदर थाना प्रभारी हृषीकेश हजारिका ने आज बताया कि बैंक प्रबंधक ने 2 अक्टूबर को पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, जुलाई में उसकी सोशल मीडिया मंच इंस्टाग्राम के जरिए जोरहाट की एक महिला से पहचान हुई थी। बाद में दोनों के बीच सोशल मीडिया के माध्यम से संपर्क बढ़ गया।

पुलिस के मुताबिक, महिला ने 14 अगस्त को बैंक प्रबंधक को जोरहाट बुलाया। वह रात करीब एक बजे जोरहाट पहुंचा, जहां महिला उसे सिओनी अली इलाके में स्थित एक किराये के मकान में ले गई। शिकायत के अनुसार, दोनों के वहां पहुंचने के कुछ समय बाद दो अज्ञात युवक दरवाजे पर आए और कथित तौर पर पूरी घटना का वीडियो बना लिया।

आरोप है कि युवकों ने वीडियो को सोशल मीडिया पर प्रसारित करने और बैंक प्रबंधक के परिवार के सदस्यों को भेजने की धमकी देकर उससे दो लाख रुपये की मांग की। भयभीत बैंक प्रबंधक ने कथित तौर पर राशि का भुगतान कर दिया। इसके बाद उससे एक लाख रुपये और मांगे गए, जिसका भी उसने भुगतान किया। पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता ने कुल तीन लाख रुपये दिए थे। बाद में आरोपितों ने उससे पांच लाख रुपये और मांगे।

लगातार धमकियों और पैसों की मांग से परेशान बैंक प्रबंधक ने पुलिस से संपर्क किया और वरिष्ठ अधिकारियों को पूरे मामले की जानकारी दी। जोरहाट के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर थाना प्रभारी हृषीकेश हजारिका के नेतृत्व में जांच टीम गठित की गई।

पुलिस ने 2 अक्टूबर को जोरहाट के गरमूर इलाके से संजीब दास और अंकित पॉल को गिरफ्तार किया। दोनों जोरहाट सदर थाना क्षेत्र के निवासी हैं। उन्हें अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इस संबंध में जोरहाट थाना केस संख्या 338/2026 दर्ज किया गया है।

जांच के दौरान पुलिस ने मोरोमी दास नेओग को कथित गिरोह की मास्टरमाइंड के रूप में चिन्हित किया। उसकी तलाश में पुलिस टीम डिब्रूगढ़ भेजी गई। शुरुआती प्रयास में उसका पता नहीं चल सका, लेकिन बाद में एक विशेष सूचना के आधार पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस ने बेबी बोरा और उसके पति अंकित बोरा को भी गिरफ्तार किया। इस तरह मामले में कुल पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें तीन पुरुष और दो महिलाएं शामिल हैं।

हजारिका के अनुसार, आरोपितों से जब्त मोबाइल फोन की प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि गिरोह ने इसी तरीके से कई अन्य लोगों को भी निशाना बनाया हो सकता है। पुलिस को आशंका है कि आर्थिक रूप से संपन्न लोगों, कारोबारियों तथा सरकारी और निजी क्षेत्र में कार्यरत कर्मचारियों को कथित तौर पर निशाना बनाया गया।

हजारिका ने कहा, “यह पूरी तरह हनी ट्रैपिंग का मामला है।”

पुलिस आरोपितों से बरामद डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है और संभावित अन्य पीड़ितों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। मामले में आगे की जांच जारी है।

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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश