कोकराझार सीआईटी में खाद्य विषाक्तता मामले में जिला प्रशासन ने दर्ज कराई प्राथमिकी
कोकराझार (असम), 02 अक्टूबर (हि.स.)। कोकराझार के बालाजान स्थित केंद्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (सीआईटी) के छात्रावास में गत 26 सितंबर को खाद्य विषाक्तता की घटना में 50 से अधिक छात्राओं के बीमार पड़ने के मामले को लेकर जिला प्रशासन ने प्राथमिकी दर्ज कराई है। घटना के बाद से ही मामले को लेकर विरोध और प्रतिक्रिया का दौर जारी है।
इसी बीच, कोकराझार जिला प्रशासन की ओर से अतिरिक्त दंडाधिकारी कृषान ज्योति डेका ने गुरुवार को कोकराझार सदर थाने में इस मामले को लेकर प्राथमिकी दर्ज कराई। जिला प्रशासन की ओर से घटना की जांच कराई गई थी और जांच रिपोर्ट में सामने आए तथ्यों के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कराने की कार्रवाई की गई है।
कोकराझार के जिला आयुक्त एवं जिला दंडाधिकारी पंकज चक्रवर्ती ने गुरुवार रात मीडिया को बताया कि 26 सितंबर को खाद्य विषाक्तता के कारण 50 से अधिक छात्राओं के बीमार पड़ने और उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती होने के बाद जिला प्रशासन की ओर से मामले की जांच के आदेश दिए गए थे। जांच रिपोर्ट में सामने आए तथ्यों के आधार पर गुरुवार को कोकराझार सदर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई तथा पुलिस को मामला दर्ज कर जांच शुरू करने का निर्देश दिया गया है।
जिला आयुक्त ने कहा कि खाद्य विषाक्तता की घटना के लिए जो भी व्यक्ति जिम्मेदार होगा, उसके विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। उन्होंने कहा कि पुलिस पूरे मामले की विस्तृत जांच करेगी और जांच के दौरान सामने आने वाले सभी तथ्यों को शामिल किया जाएगा।
पंकज चक्रवर्ती ने कहा कि सीआईटी में लापरवाही के संकेत सामने आए हैं। उनके अनुसार, छात्राओं की ओर से बार-बार शिकायत किए जाने के बावजूद संस्थान के संबंधित पक्ष द्वारा कथित तौर पर उचित ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं को पुलिस जांच के दायरे में रखा जाएगा तथा दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को कार्रवाई से बाहर नहीं रखा जाएगा।
जिला प्रशासन के अनुसार,सीआईटी में खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने वाले ठेकेदार की सेवा पहले ही समाप्त कर दी गई है। अब पुलिस जांच के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
हिन्दुस्थान समाचार / किशोर मिश्रा

