लोक निर्माण विभाग, वेस्टर्न ज़ोन के अधिकारी के विरुद्ध दर्ज शिकायत
इटानगर, 24 अगस्त (हि.स.)। अरुणाचल प्रदेश के पूर्व विधायक टेची हेमू की अगुवाई में स्थानीय लोगों के एक समूह ने इटानगर पुलिस थाने में लोक निर्माण विभाग वेस्टर्न ज़ोन, इटानगर के सचिव, मुख्य अभियन्ता के खिलाफ शिकायतदर्ज कराई है। उन पर सरकारी दस्तावेजों को नष्ट करने और उनमें हेराफेरी करने तथा अपने विभाग में भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का आरोप लगाया गया है।
अरुणाचल प्रेस क्लब में आज मीडिया से बात करते हुए पूर्व विधायक टेची हेमू ने सूचना का अधिकार (आरटीआई) दस्तावेजों के आधार पर नॉर्थ ईस्टर्न काउंसिल के तहत मंज़ूर 62 किलोमीटर लंबी पाक्के-सेजोज़ा-इटाकोला सड़क के सुधार/अपग्रेडेशन प्रोजेक्ट में भारी अनियमितताएं और सरकारी पैसे का गलत इस्तेमाल होने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि इस संबंध में, हमने जून 2025 में अरुणाचल प्रदेश सरकार के मुख्य सतर्कता अधिकारी से शिकायत की थी। यह शिकायत तत्कालीन मुख्य अभियंता लोक निर्माण विभाग वेस्टर्न जोन सहित कई अधिकारियों और निर्माण एजेंसी के प्रबंध निदेशक के खिलाफ थी। इसमें भारी भ्रष्टाचार का आरोप लगाया गया था, जिसमें फर्जी दस्तावेज और संशोधित अनुमान तैयार करने की साजिश शामिल थी।
हमारी शिकायत के जवाब में, सतर्कता विभाग ने लोक निर्माण विभाग वेस्टर्न, अरुणाचल प्रदेश सरकार के प्रधान सचिव को निर्देश दिया था कि वे इस परियोजना के तहत मंज़ूर 62 किलोमीटर लंबी पाक्के-सेजोज़ा-इटाकोला सड़क में अनियमितताओं की शिकायत पर एक महीने के भीतर अपनी टिप्पणी दें।
सतर्कता विभाग ने प्रधान सचिव को रिमाइंडर पत्र भी भेजा, लेकिन आज तक सतर्कता विभाग को इस मामले पर कोई टिप्पणी नहीं मिली है, इसलिए विभाग इस मामले में आगे कोई कार्रवाई नहीं कर पा रहा है।
उन्होंने कहा कि हमने सतर्कता विभाग के आधिकारिक पत्रों के आधार पर खुद जांच करने का फैसला किया, इसलिए हमने सतर्कता विभाग के संबंधित आधिकारिक पत्र के संबंध में प्रधान सचिव इटानगर को इस मामले पर लिखित जनकारी की मांग की। जबकि, मुख्य अभियंता, पश्चिमी क्षेत्र इटानगर ने सतर्कता विभाग से किसी भी पत्र या सूचना के मिलने से साफ इनकार कर दिया।
मुख्य अभियंता, पश्चिमी क्षेत्र इटानगर के जवाब से हमें और उलझा दिया गया है। इसलिए हमने आज इटानगर पुलिस स्टेशन में विभाग के सचिव और मुख्य अभियंता, पश्चिमी क्षेत्र, इटानगर के खिलाफ शिकायतदर्ज कराने का फैसला किया। उन पर आधिकारिक दस्तावेजों को छिपाने, नष्ट करने, उनमें हेरफेर करने और उक्त प्रोजेक्ट से संबंधित अपने विभाग में भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने में आपराधिक कदाचार का आरोप लगाया गया है, ताकि मामले की जांच करके सड़क प्रोजेक्ट में भ्रष्टाचार की जड़ का पता लगाया जा सके और दोषियों को सजा दिलाई जा सके।
हिन्दुस्थान समाचार / तागू निन्गी

