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राजा रघुवंशी हत्याकांड में जमानत के खिलाफ हाई कोर्ट जाएगा परिवार

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राजा रघुवंशी हत्याकांड में जमानत के खिलाफ हाई कोर्ट जाएगा परिवार


शिलांग, 29 अप्रैल (हि.स.)। इंदौर के व्यवसायी राजा रघुवंशी हत्याकांड में उनकी पत्नी सोनम को मिली जमानत के खिलाफ परिवार ने मेघालय हाई कोर्ट का रुख करने का निर्णय लिया है। साथ ही परिवार ने मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से कराने की मांग भी दोहराई है।

रघुवंशी के भाई विपिन ने जमानत आदेश पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि सोनम इस हत्याकांड की “मास्टरमाइंड” है और परिवार कानूनी आधार पर इस फैसले को चुनौती देगा। उन्होंने बताया कि सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने मुख्य रूप से यह दलील दी कि मेघालय पुलिस ने सोनम को गिरफ्तारी के कारणों की सही जानकारी नहीं दी, जो कानूनी प्रावधानों का उल्लंघन बताया गया।

यह मामला पिछले वर्ष 23 मई, 2025 का है, जब राजा रघुवंशी मेघालय में अपने हनीमून के दौरान लापता हो गए थे। 2 जून को उनका शव सोहरा स्थित एक झरने के पास खाई से बरामद किया गया था, जिसे जांचकर्ताओं ने निर्मम हत्या बताया था।

सोनम को 9 जून, 2025 को उत्तर प्रदेश के गाजीपुर से गिरफ्तार किया गया था और वह शिलांग में दस महीने से अधिक समय तक न्यायिक हिरासत में रही। बाद में पुलिस ने 790 पन्नों का आरोपपत्र दाखिल किया, जिसमें सोनम और उसके कथित साथी राज कुशवाह समेत आठ लोगों को आरोपित बनाया गया और इसे सुनियोजित साजिश बताया गया।

गंभीर आरोपों के बावजूद स्थानीय अदालत द्वारा सोनम को जमानत दिए जाने के बाद पीड़ित परिवार में नाराजगी देखी गई है। राजा की मां उमा ने इस फैसले पर आश्चर्य जताते हुए कहा कि कई महीनों की जांच के बावजूद ऐसा परिणाम समझ से परे है। उन्होंने सरकार से अपने बेटे के लिए न्याय की मांग की।

विपिन ने मामले की जांच प्रक्रिया पर भी सवाल उठाते हुए संभावित “हेरफेर” और प्रक्रियागत कमियों का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अभियोजन पक्ष ने उन्हें अब तक आरोपपत्र की प्रति नहीं दी है, जिससे परिवार के लिए साक्ष्यों की समीक्षा करना मुश्किल हो रहा है।

परिवार का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वतंत्र जांच आवश्यक है और अब हाई कोर्ट में आगे की कानूनी प्रक्रिया के जरिए न्याय की उम्मीद की जा रही है।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश