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अरुणाचल प्राइमरी शिक्षकों ने टेट परीक्षा को लेकर जताई चिंता

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इटानगर, 09 अक्टूबर (हि.स.)। अरुणाचल प्रदेश प्राइमरी टीचर्स एसोसिएशन ने शुक्रवार को अपनी कई समस्याओं के बारे में बताते हुए, जिनमें डिपार्टमेंटल प्रमोशन कमेटी की बैठक न होना और टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट पर सुप्रीम कोर्ट का हालिया आदेश शामिल है।

अरुणाचल प्रेस क्लब में मीडिया से बात करते हुए, अरुणाचल प्रदेश प्राइमरी टीचर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष ताकर दादा ने कहा कि शिक्षकों के भले के लिए साल में दो बार डिपार्टमेंटल प्रमोशन कमेटी आयोजित करने की कैबिनेट की साफ़ मंज़ूरी के बावजूद, विभाग पिछले 3 सालों से डिपार्टमेंटल प्रमोशन कमेटी आयोजित नहीं कर रहा है। इसके परिणामस्वरूप, हज़ारों योग्य उम्मीदवार प्रमोशन से वंचित रह गए हैं।

उन्होंने नौकरी कर रहे शिक्षकों के लिए टेट परीक्षा पास करना अनिवार्य करने के लिए सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेश पर भी चिंता जताई और कहा कि कई कारणों से ज़्यादातर शिक्षक इस परीक्षा में शामिल नहीं हो पाएंगे।

सुप्रीम कोर्ट ने 29 मई, 2026 को रिव्यू याचिकाओं के एक बैच को खारिज करते हुए फिर से कहा कि नौकरी कर रहे सभी शिक्षकों (कक्षा 1 से 8) के लिए टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट अनिवार्य है।

इस मामले पर उन्होंने राज्य सरकार से अनुरोध किया कि वे ज़्यादातर शिक्षकों के परीक्षा में शामिल न हो पाने की स्थिति पर विचार करें और नौकरी कर रहे शिक्षकों को टेस्ट से छूट दें।

उन्होंने जम्मू-कश्मीर और तमिलनाडु विधानसभा द्वारा इस निर्देश पर समाधान के लिए उठाए गये कदम का भी उदाहरण दिया। साथ ही, राज्य सरकार से इस मामले पर विचार करने और शिक्षकों के लिए जो भी नीति व्यावहारिक हो उसे अपनाने का अनुरोध किया, ताकि परीक्षा आयोजित करके शिक्षकों को एक बार की छूट दी जा सके।

हिन्दुस्थान समाचार / तागू निन्गी