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गुवाहाटी में 59वां इंजीनियर दिवस मनाया गया

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गुवाहाटी में 59वां इंजीनियर दिवस मनाया गया


गुवाहाटी, 15 सितंबर (हि.स.)। भारत रत्न सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया की जयंती के अवसर पर मंगलवार को पानबाजार स्थित द इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया), असम राज्य केंद्र के तत्वावधान में 59वां इंजीनियर दिवस दिनभर के कार्यक्रमों के साथ मनाया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 10 बजे संस्था परिसर में स्थापित सर विश्वेश्वरैया की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ हुई। दोपहर में आयोजित मुख्य कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था के असम राज्य केंद्र के अध्यक्ष भबेन कलिता ने की। संस्था के मानद सचिव गोकुल भुइयां ने स्वागत भाषण दिया।

इस अवसर पर संस्था के मानद फेलो एवं पूर्व सचिव अभियंता पुलक शर्मा ने सर विश्वेश्वरैया के जीवन और उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उत्तर लखीमपुर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. मुकुल बोरा मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए और इस वर्ष के केंद्रीय विषय ‘सतत और तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर भारत के लिए इंजीनियरिंग उत्कृष्टता’ पर व्याख्यान दिया।

कार्यक्रम में अभियंता डॉ. प्लाबन बोरा ने मुख्य वक्ता का संक्षिप्त परिचय प्रस्तुत किया। इस दौरान विभिन्न क्षेत्रों में योगदान के लिए चार विशिष्ट अभियंताओं—दिलीप शर्मा (सिविल इंजीनियरिंग), मनोजीत मिश्रा (इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग), अनिर्बान दास (केमिकल इंजीनियरिंग) और डॉ. शारद बहुराव गोखले (पर्यावरण इंजीनियरिंग)—को सम्मानित किया गया।

संस्था के मानद फेलो एवं पूर्व अध्यक्ष अभियंता महेश बरकटकी के संचालन में आयोजित सम्मान समारोह के दौरान अभियंताओं को सम्मान प्रदान किया गया। इस मौके पर असम राज्य केंद्र की त्रैमासिक पत्रिका का भी विमोचन किया गया। अभियंता सुरदास भट्टाचार्य ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में संस्था के सदस्यों के अलावा बड़ी संख्या में आम लोग भी शामिल हुए।

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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश