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असम में निर्वाचन अधिकारियों व पुलिस अधिकारियों के साथ चुनाव आयोग की समीक्षा व प्रशिक्षण बैठक आयोजित

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असम में निर्वाचन अधिकारियों व पुलिस अधिकारियों के साथ चुनाव आयोग की समीक्षा व प्रशिक्षण बैठक आयोजित


गुवाहाटी, 26 मार्च (हि.स.)। आसन्न 9 अप्रैल को होने वाले असम विधानसभा के आम चुनाव के मद्देनज़र भारत निर्वाचन आयोग ने असम के जिला निर्वाचन अधिकारियों, पुलिस अधीक्षकों, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों, पुलिस आयुक्तों और अन्य अधिकारियों के साथ ऑनलाइन माध्यम से समीक्षा एवं प्रशिक्षण बैठक आयोजित की।

बीती रात जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार बुधवार को हुई इस बैठक में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार द्वारा 18 फरवरी को असम दौरे के दौरान दिए गए उस आश्वासन को दोहराया गया, जिसमें उन्होंने कहा था कि चुनाव हिंसा, भय और प्रलोभन से मुक्त वातावरण में आयोजित किए जाएंगे, ताकि हर मतदाता बिना किसी डर या पक्षपात के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सके।

आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों ने जिला प्रशासन और कानून-व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में मतदान केंद्रों पर न्यूनतम सुविधाएं सुनिश्चित करने, ईवीएम प्रबंधन, लॉजिस्टिक्स, चुनावी कर्मियों के प्रशिक्षण, जब्ती कार्रवाई, कानून-व्यवस्था, मतदाता जागरूकता और प्रचार-प्रसार कार्यक्रमों पर विस्तृत चर्चा की गई।

बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि प्रत्येक प्रजाइडिंग अधिकारी मतदान समाप्ति के बाद उपस्थित सभी चुनाव एजेंटों को मतदान लेखा विवरण युक्त ‘फॉर्म 17सी’ की हस्ताक्षरित प्रति उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।

अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि प्रिजाइडिंग अधिकारियों को उचित प्रशिक्षण दिया जाए तथा प्रत्येक दो घंटे के अंतराल पर और मतदान समाप्ति के बाद ‘ईसीआईनेट’ ऐप के माध्यम से मतदान प्रतिशत की जानकारी अपलोड की जाए।

जिला निर्वाचन अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया गया कि मतदान से कम से कम पांच दिन पूर्व सभी मतदाताओं के बीच ‘वोटर सूचना पर्ची’ वितरित की जाए तथा प्रत्येक परिवार को ‘वोटर गाइड’ उपलब्ध कराया जाए। साथ ही दृष्टिबाधित मतदाताओं की सुविधा के लिए ब्रेल युक्त वोटर सूचना पर्ची उपलब्ध कराने की भी जानकारी दी गई।

बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि उम्मीदवारों और राजनीतिक दलों द्वारा प्रचार गतिविधियों के लिए ‘ईसीआईनेट’ के ‘सुविधा’ मॉड्यूल के माध्यम से मांगी गई अनुमतियों का 24 घंटे के भीतर निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से, ‘पहले आओ-पहले पाओ’ के आधार पर निपटारा किया जाए।

इसके अलावा राज्य के नदी तटीय और चर क्षेत्रों में स्थित मतदान केंद्रों के लिए पर्याप्त सुरक्षा और बचाव व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी विशेष जोर दिया गया।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश