विश्वनाथ में शिवाजी संघ का दुर्गा पूजा पंडाल बना आकर्षण का केंद्र, असम की सांस्कृतिक विरासत की झलक
विश्वनाथ (असम), 19 अक्टूबर (हि.स.)। असम के विश्वनाथ जिले के सदर क्षेत्र के बौ-बाजार स्थित शिवाजी संघ की श्रीश्री दुर्गा पूजा समिति का पूजा पंडाल अपनी अनूठी सजावट और दुर्गा प्रतिमा के कारण श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। पंडाल में असम की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को खूबसूरती से प्रदर्शित किया गया है। इसे देखने के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और दर्शक पहुंच रहे हैं।
पंडाल के एक हिस्से में असम के पारंपरिक वाद्ययंत्र ढोल, पेंपा, गगना, सुतुलि और ताल के साथ बिहू नृत्यांगनाओं को दर्शाया गया है। वहीं, दूसरे हिस्से में ढाक, शंख, एकतारा और बाउल नृत्य की झलक प्रस्तुत की गई है। पूरे पंडाल की सजावट में असम के पारंपरिक फूलाम गामोछा की शैली को भी शामिल किया गया है, जो इसकी विशेष पहचान बन गई है।
सोमवार सुबह छह बजे से ही पूजा पंडाल में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी। भक्तों ने मां दुर्गा की आराधना कर नैवेद्य अर्पित किया। पुजारी द्वारा संधि पूजा संपन्न कराए जाने के बाद श्रद्धालुओं ने पुष्पांजलि अर्पित की और प्रणाम मंत्र का पाठ किया। इसके बाद दोपहर में भक्तों के बीच प्रसाद वितरित किया गया।
जानकारी के अनुसार, शिवाजी संघ की 26 वर्ष पुरानी दुर्गा पूजा समिति ने सीमित खर्च में असम की जीवंत सांस्कृतिक धरोहर को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया है। पूजा पंडाल की अनूठी रूपरेखा और दुर्गा प्रतिमा की सुंदरता विश्वनाथ में चर्चा का विषय बनी हुई है।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश

