सीआरएस ने कटिहार-कुरेठा और कटिहार-सोनैली दोहरी लाइन सेक्शन का निरीक्षण किया शुरू
गुवाहाटी, 18 जून (हि.स.)। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (पूसीरे) के कटिहार मंडल अंतर्गत कटिहार (1.380 किमी) – कुरेठा (12.440 किमी) और कटिहार (1.327 किमी) – सोनैली (17.542 किमी) के बीच बनी नई ब्रॉड गेज दोहरी लाइन का पूसीरे परिमंडल, कोलकाता के रेल संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) सुमित सिंघल ने 17 जून से वैधानिक निरीक्षण शुरू कर दिया। यह निरीक्षण 19 जून तक चलेगा।ये दोनों सेक्शन कटिहार– कुमेदपुर और कटिहार– मुकुरिया नई दोहरी लाइन परियोजनाओं का हिस्सा हैं।
पूसीरे के सीपीआरओ कपिंजल किशोर शर्मा ने आज बताया है कि कटिहार-कुमेदपुर और कटिहार-मुकुरिया नई दोहरी लाइन परियोजनाकुल 64.14 किलोमीटर लंबा है। इस क्षेत्र में रेल क्षमता और परिचालन दक्षता को बेहतर बनाने के लिए यह एक उल्लेखनीय अवसंरचनात्मक विकास पहल है। इस परियोजना में 2 महत्वपूर्ण पुल, 27 बड़े पुल और 23 छोटे पुल शामिल हैं। साथ ही व्यापक पैमाने पर ट्रैक और उससे जुड़े रेल इंफ्रास्ट्रक्चर भी बनाए जा रहे है। परियोजना पूर्ण होने पर, इस दोहरी लाइन कॉरिडोर से 16 रेलवे स्टेशनों को सेवा मिलेगी, जिससे पूसीरे के कटिहार मंडल में ट्रेनों का बेहतर परिचालन, लाइन की बढ़ी हुई क्षमता, कम भीड़-भाड़ और यात्रियों व माल की अधिक कुशल आवाजाही संभव हो सकेगी। कटिहार-कुरेठा और कटिहार-सोनैली सेक्शनों का सीआरएस निरीक्षण इस परियोजना की प्रगति में एक महत्वपूर्ण कदम है।
चल रहे निरीक्षण कार्यक्रम के दौरान, सुमित सिंघल नवनिर्मित सेक्शनों पर स्टेशन के इंफ्रास्ट्रक्चर, ट्रैक की बनावट, पुलों, सिग्नलिंग और टेलीकम्युनिकेशन सिस्टम, बिजली संस्थापनाओं, संरक्षा व्यवस्था और रेलवे की अन्य संबंधित परिसंपत्तियों का निरीक्षण करेंगे। इस निरीक्षण में रूट पर पड़ने वाले स्टेशनों और फील्ड इंस्टालेशनों की भी बारीकी से जांच की जाएगी। वैधानिक निरीक्षण के तहत, सेक्शन को चालू करने से पहले उसकी परिचालन संरक्षा, स्थिरता और तैयारी का आकलन करने के लिए स्पीड ट्रायल किए जा रहे हैं।
सीआरएस निरीक्षण, इन नवनिर्मित दोहरी लाइन सेक्शनों को चालू करने की दिशा में एक प्रमुख कदम है। कटिहार-कुरेठा और कटिहार-सोनैली दोहरी लाइन वाले हिस्सों का पूरा होना, पूसीरे के आधुनिकीकरण और क्षमता बढ़ाने के प्रयासों में एक और अहम पड़ाव होगा। इससे पूरे क्षेत्र में कनेक्टिविटी बेहतर होगी और ट्रेनों का परिचालन अधिक कुशलता से हो सकेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय

