ब्रिटिश संसद में महापुरुष श्रीमंत शंकरदेव की वैष्णव संस्कृति पर डॉ. पीताम्बरदेव गोस्वामी का व्याख्यान
गुवाहाटी, 18 जून (हि.स.)। महापुरुष श्रीमंत शंकरदेव की नववैष्णव संस्कृति और आध्यात्मिक विरासत को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करते हुए डॉ. पीताम्बरदेव गोस्वामी ने लंदन स्थित ब्रिटिश संसद में एक विशेष व्याख्यान दिया। इस अवसर पर असम की समृद्ध सांस्कृतिक एवं धार्मिक परंपरा का व्यापक परिचय कराया गया। इसकी जानकारी नदी दीप माजुली जिला स्थित आवनी आटी सत्र (मठ) के सूत्रों ने दी है।
कार्यक्रम में शंकरी कला, साहित्य, संगीत और सांस्कृतिक धरोहर को विभिन्न प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया। ब्रिटिश संसद भवन में आयोजित इस आयोजन ने असम की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत और महापुरुष शंकरदेव के योगदान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उजागर करने का अवसर प्रदान किया।
इस अवसर पर डेका सत्राधिकार देवानंद देवगोस्वामी, डॉ. जयंत विश्व शर्मा, आदित्य गोस्वामी सहित बड़ी संख्या में प्रवासी भारतीय एवं असमिया समुदाय के सदस्य उपस्थित रहे।
आयोजकों के अनुसार, यह कार्यक्रम वैश्विक स्तर पर असम की सांस्कृतिक पहचान को सुदृढ़ करने तथा महापुरुष शंकरदेव की शिक्षाओं और वैष्णव परंपरा के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश

