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लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री बने डॉ. बिस्व सरमा का दमदार रहा है राजनीतिक सफर

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लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री बने डॉ. बिस्व सरमा का दमदार रहा है राजनीतिक सफर


गुवाहाटी, 12 मई (हि.स.)। असम के मुख्यमंत्री के रूप में मंगलवार को डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने उन्हें शपथ दिलाई। उन्होंने दूसरी बार राज्य की कमान संभाली। इसके साथ असम में भाजपा की सरकार का तीसरा कार्यकाल शुरू हुआ है।

डॉ. हिमंत बिस्व सरमा जालुकबारी विधानसभा क्षेत्र से लगातार छह बार विधायक चुने गए हैं। डॉ. सरमा साल 2001 से राज्य के जालुकबारी विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। 2001, 2006 और 2011 में डॉ. सरमा कांग्रेस की ओर से जालुकबारी निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। इसके बाद 2016, 2021 और हाल ही में समाप्त 2026 के विधानसभा चुनाव में डॉ. सरमा भाजपा की ओर से इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। इससे पहले 1996 में जालुकबारी विधानसभा क्षेत्र में असम गण परिषद (अगप) के भृगु कुमार फुकन के हाथों डॉ. हिमंत बिस्व सरमा हार गए थे। साल 2001 में भृगु कुमार फुकन को हरा कर उन्होंने न केवल राजनीतिक बदला पूरा किया बल्कि इस जीत के बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।

उल्लेखनीय है कि 1985 में कामरूप एकेडमी से मैट्रिक पास करने के बाद डॉ. सरमा ने उच्च शिक्षा के लिए कॉटन कॉलेज में नामांकन कराया। वह 1991-92 में कॉटन कॉलेज छात्रसंघ के महासचिव थे। उन्होंने कॉटन कॉलेज से राजनीति विज्ञान में 1990 में स्नातक और 1992 में स्नातकोत्तर की परीक्षा पास की। डॉ. सरमा ने गुवाहाटी के सरकारी कानून महाविद्यालय से कानून में स्नातक और गुवाहाटी विश्वविद्यालय से डॉक्टरेट की डिग्री प्राप्त की। उन्होंने 1996 से 2001 तक गौहाटी उच्च न्यायालय में अधिवक्ता के रूप में कार्य शुरू किया।

डॉ. सरमा 2001 में अगप के नेता भृगु कुमार फूकन को परास्त कर पहली बार जालुकबारी से असम विधानसभा के लिए चुने गए। 2006 में वे पुनः निर्वाचित हुए, उसके बाद 2011 में 78,000 वोट के अंतर से लगातार तीसरी बार चुने गए। 2002 से 2014 तक कृषि, योजना और विकास, वित्त, स्वास्थ्य, शिक्षा और असम समझौता कार्यान्वयन राज्य मंत्री के रूप में डॉ. सरमा ने महत्वपूर्ण (राज्य और कैबिनेट दोनों में) अनुभव प्राप्त किया। 2006 में उन्हें स्वास्थ्य विभाग का कैबिनेट मंत्री नियुक्त किया गया और 2011 में उन्हें शिक्षा की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी दी गई।

पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई के साथ राजनीतिक मतभेद के बाद 21 जुलाई, 2014 को डॉ. सरमा ने सभी सरकारी पदों से इस्तीफा दे दिया। 15 सितंबर, 2015 को उन्होंने विधानसभा से भी इस्तीफा दे दिया। 23 अगस्त, 2015 को डॉ. सरमा नई दिल्ली में अमित शाह के निवास पर औपचारिक रूप से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गये।

मई 2016 में डॉ. सरमा ने चौथी बार जलुकबारी क्षेत्र से जीत हासिल की और 24 मई को मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल के मंत्रिमंडल में कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली। 10 मई, 2021 में डॉ. हिमंत बिस्व सरमा असम के 15वें मुख्यमंत्री बने। आज असम के मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने दूसरी बार शपथ ग्रहण किया।

डॉ. सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां शर्मा एक सफल उद्यमी हैं तथा उनके पुत्र नंदील बिस्व सरमा एवं पुत्री सुकन्या सरमा हैं।-------

हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय