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कोकराझार के गेलागुरी में बाघिन को ट्रेंकुलाइज कर वन विभाग ने पकड़ा

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कोकराझार के गेलागुरी में बाघिन को ट्रेंकुलाइज कर वन विभाग ने पकड़ा


-‘डूआर्स की रानी’ बाघिन की घर वापसी की तैयारी

कोकराझार (असम), 03 नवम्बर (हि.स.)। पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार जिले स्थित बक्सा टाइगर रिजर्व से छोड़ी गई चर्चित बाघिन ‘डूआर्स की रानी’ (Queen of Dooars) को वापस बक्सा के जंगलों में लाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। पश्चिम बंगाल और असम की सीमा पार कर कोकराझार जिले के जंगलों में पहुंची बाघिन को मंगलवार देर शाम को असम के गेलागुरी इलाके में वन विभाग की टीम ने सफलतापूर्वक ट्रैंकुलाइज कर सुरक्षित पिंजरे में कैद कर लिया।

वन विभाग के सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) से आवश्यक अनुमति मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई। अब बाघिन को सुरक्षित तरीके से वापस पश्चिम बंगाल के बक्सा टाइगर रिजर्व ले जाने की तैयारी की जा रही है।

गौरतलब है कि गत 02 अक्टूबर, 2026 को केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव और पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की मौजूदगी में अलीपुरद्वार जिले के बक्सा टाइगर रिजर्व के जंगलों में इस बाघिन को प्राकृतिक आवास में छोड़ा गया था। इसके बाद से वन विभाग जीपीएस आधारित रेडियो कॉलर के माध्यम से उसकी गतिविधियों और आवाजाही पर लगातार नजर रख रहा था।

इसी दौरान बाघिन पश्चिम बंगाल की सीमा पार कर असम के कोकराझार जिले के जंगलों में पहुंच गई थी। उसकी लगातार निगरानी की जा रही थी। पश्चिम बंगाल के वन मंत्री मनोज ओरांव ने भी बाघिन को वापस बक्सा टाइगर रिजर्व लाने के लिए एनटीसीए से अनुमति मांगे जाने की जानकारी दी थी।

अब आवश्यक मंजूरी मिलने के बाद वन विभाग ने सफलतापूर्वक बाघिन को अपने नियंत्रण में ले लिया है। उसे सुरक्षित वापस बक्सा टाइगर रिजर्व पहुंचाने की तैयारी चल रही है। ‘डूआर्स की रानी’ की सुरक्षित घर वापसी को लेकर वन विभाग के अधिकारियों में सक्रियता देखी जा रही है।

हिन्दुस्थान समाचार / किशोर मिश्रा