सैनिक कल्याण निदेशालय, असम ने मुख्यमंत्री राहत कोष में दिया ₹25 लाख का योगदान
गुवाहाटी, 29 जुलाई (हि.स.)। एकजुटता और जनसेवा की एक अहम पहल के तहत, सैनिक कल्याण निदेशालय, असम ने मुख्यमंत्री राहत कोष में ₹25 लाख का योगदान दिया है। यह योगदान असम राज्य में चल रहे राहत और पुनर्वास कार्यों में मदद के लिए है, खासकर उन लोगों के लिए जो ऊपरी असम में हाल ही में आई विनाशकारी बाढ़ से प्रभावित हुए हैं।
यह योगदान दिखाता है कि सशस्त्र बलों में अपनी शानदार सेवा के बाद भी असम के पूर्व सैनिक समाज की सेवा के लिए लगातार प्रतिबद्ध हैं। सैनिक कल्याण निदेशालय, असम के निदेशक ब्रिगेडियर पोलाश चौधरी, (सेवानिवृत्त) ने असम के पूर्व सैनिकों के समुदाय के एयर मार्शल अंजन कुमार गोगोई, (सेवानिवृत्त) और 'असम वैभव' से सम्मानित लेफ्टिनेंट जनरल राणा प्रताप कलिता, (सेवानिवृत्त) के साथ मिलकर असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा को चेक सौंपा। इस दौरान उन्होंने राज्य के लोगों के कल्याण और विकास के प्रति अपने समर्पण को फिर से दोहराया।
इस मौके पर ब्रिगेडियर पोलाश चौधरी, (सेवानिवृत्त) ने कहा कि यह दान उनके कर्तव्य-बोध और खराब मौसम की ऐसी मुश्किल घड़ी में असम के लोगों के साथ खड़े होने की उनकी इच्छा का प्रतीक है। उन्होंने भरोसा जताया कि मुख्यमंत्री राहत कोष यह सुनिश्चित करेगा कि मदद उन लोगों तक पहुंचे जिन्हें इसकी सबसे ज़्यादा ज़रूरत है। निदेशक ने यह भी बताया कि असम के बहुत से पूर्व सैनिक राज्य के नागरिक प्रशासन के साथ मिलकर राहत कार्यों में स्वेच्छा से शामिल हुए हैं।
मुख्यमंत्री ने असम के पूर्व सैनिकों को उनके उदार योगदान के लिए धन्यवाद दिया और देशभक्ति, सेवा और करुणा की उनकी अटूट भावना की सराहना की। उन्होंने कहा कि उनकी यह पहल दूसरों को भी असम राज्य में मानवीय और राहत कार्यों में योगदान देने के लिए प्रेरित करेगी।
असम के पूर्व सैनिकों ने ऐसी नेक पहलों का समर्थन करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई, जो जन कल्याण, आपदा राहत, सामुदायिक विकास को बढ़ावा देती हैं और देश की नि:स्वार्थ सेवा की उनकी परंपरा को आगे बढ़ाती हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय

