विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर दिलीप सैकिया ने दी श्रद्धांजलि
गुवाहाटी, 14 अगस्त (हि.स.)। विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर असम प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष दिलीप सैकिया ने 1947 में भारत विभाजन के दौरान जान गंवाने वाले, विस्थापित होने वाले और अपने पैतृक घरों से बेघर हुए लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
अपने संदेश में सैकिया ने कहा कि भारत का विभाजन देश के इतिहास के सबसे पीड़ादायक अध्यायों में से एक है। उन्होंने कहा कि उस समय के राजनीतिक निर्णयों और सत्ता-केंद्रित हितों के कारण देश का विभाजन हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि मुस्लिम लीग की अलग राष्ट्र की मांग और कांग्रेस नेतृत्व द्वारा उसे स्वीकार किए जाने से विभाजन का रास्ता प्रशस्त हुआ।
सैकिया ने कहा कि 1947 के विभाजन ने केवल भारत के नक्शे को नहीं बांटा, बल्कि लाखों लोगों के जीवन, परिवारों और सामाजिक ताने-बाने पर गहरा और स्थायी घाव छोड़ा। बड़ी संख्या में परिवारों को अपने घर छोड़कर अनजान स्थानों पर पलायन करना पड़ा और व्यापक हिंसा में अनगिनत निर्दोष लोगों की जान चली गई।
उन्होंने कहा कि विभाजन की भयावहता और उससे उत्पन्न मानवीय पीड़ा इतिहास का अमिट अध्याय है। इस दर्दनाक इतिहास को याद करने का उद्देश्य केवल अतीत को दोहराना नहीं, बल्कि उससे सीख लेकर आने वाली पीढ़ियों में राष्ट्रीय एकता, भाईचारे, सामाजिक सद्भाव और राष्ट्र की अखंडता के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने विभाजन के दौरान हिंसा, उत्पीड़न और विस्थापन का शिकार हुए सभी लोगों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि विभाजन की पीड़ा से सीख लेकर प्रत्येक नागरिक को देश की एकता और अखंडता को और मजबूत करने का संकल्प लेना चाहिए।
सैकिया ने देशवासियों से संकीर्ण राजनीतिक हितों और विभाजनकारी राजनीति से ऊपर उठकर राष्ट्रीय एकता, सामाजिक सद्भाव, संप्रभुता और भारत की क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए मिलकर काम करने की अपील की।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश

