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असम भाजपा अध्यक्ष दिलीप सैकिया ने ग्वालपाड़ा में पदयात्रा में लिया हिस्सा

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असम भाजपा अध्यक्ष दिलीप सैकिया ने ग्वालपाड़ा में पदयात्रा में लिया हिस्सा


गुवाहाटी, 04 नवंबर (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने देशभर में बढ़ते राजनीतिक विरोध-प्रदर्शनों और आंदोलनों के बीच अपने ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के माध्यम से लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक सिद्धांतों की रक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।

इस अभियान के तहत असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने बुधवार को बिहार में आयोजित ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा में हिस्सा लिया। उनकी भागीदारी को राज्य की सीमाओं से आगे बढ़कर पार्टी के राजनीतिक संदेश को राष्ट्रीय स्तर पर लोगों तक पहुंचाने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।

वहीं, असम भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप सैकिया ने भी बुधवार को ग्वालपाड़ा जिले में आयोजित इसी अभियान की पदयात्रा में हिस्सा लिया।

भाजपा की ओर से आज जारी बयान में कहा गया है कि इस अभियान का उद्देश्य लोकतांत्रिक संस्थाओं की रक्षा, संवैधानिक मूल्यों को बनाए रखने और सार्वजनिक व्यवस्था के महत्व के प्रति लोगों को जागरूक करना है।

पार्टी ने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन लोकतंत्र का अभिन्न हिस्सा है, लेकिन लोकतांत्रिक स्वतंत्रता का दुरुपयोग कर अराजकता और राजनीतिक अस्थिरता पैदा करना उचित नहीं है।

भाजपा ने कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि लोकतंत्र की रक्षा की बात करने वाली कांग्रेस का राजनीतिक नेतृत्व लंबे समय से एक परिवार तक सीमित रहा है। पार्टी ने कांग्रेस के आंतरिक लोकतांत्रिक ढांचे पर सवाल उठाते हुए कहा कि संगठन में जमीनी स्तर पर भागीदारी और नए नेतृत्व को आगे बढ़ाने पर अधिक ध्यान दिया जाना चाहिए।

भाजपा ने कहा कि राजनीतिक मतभेदों को सार्वजनिक व्यवस्था और सामाजिक स्थिरता के लिए खतरा पैदा करने वाली गतिविधियों के बजाय लोकतांत्रिक बहस, रचनात्मक संवाद और संवैधानिक प्रक्रियाओं के माध्यम से व्यक्त किया जाना चाहिए।

पार्टी के अनुसार, ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान का उद्देश्य जिम्मेदार राजनीतिक भागीदारी को प्रोत्साहित करना, कानून के शासन को मजबूत करना और लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति जनता का विश्वास बनाए रखना है।

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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश