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स्वदेशी अधिकारों की सुरक्षा के मुद्दे पर आपसू ने उठाई आवाज

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इटानगर, 02 जून ( हि.स.)। अखिल अरुणाचल प्रदेश छात्र संघ (आपसू) ने स्वदेशी अधिकारों, विशेष रूप से अवैध अप्रवासन, सीमांकन, अरूणाचल नौकरी भर्ती और अरुणाचल प्रदेश की सुरक्षा से संबंधित प्रमुख मुद्दों को उठाते हुए राज्य के मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन सौंपा।

आज अरुणाचल प्रेस क्लब में मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए आपसू के अध्यक्ष मेजे टाकू ने राज्य सरकार से सरकारी नौकरी भर्ती और स्थानीय प्रशासन में स्वदेशी अधिकारों की रक्षा के लिए तत्काल उपाय शुरू करने की मांग की।

उन्होंने अरुणाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग, अरुणाचल प्रदेश कर्मचारी चयन बोर्ड और अन्य सभी राज्य सरकार की नौकरी भर्ती प्रक्रियाओं में मौजूदा 80:20 भर्ती अनुपात को तत्काल समाप्त करने का आह्वान किया। आपसू का तर्क है कि यह नीति पुरानी हो चुकी है और स्वदेशी अरुणाचली युवाओं के संवैधानिक अधिकारों और रोजगार के अवसरों को कमजोर करती है।

उन्होंने मांग की कि सभी राज्य सरकार की नौकरी भर्ती प्रक्रियाओं में पात्रता के लिए वैध स्थायी निवास प्रमाण पत्र और अरूणाचल प्रदेश जनजातीय प्रमाण पत्र होना अनिवार्य किया जाए। इससे भर्ती नियमों की व्यापक समीक्षा, फर्जी दस्तावेज जमा करने वाले उम्मीदवारों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और आगामी परीक्षाओं में प्रस्तावित सुधारों को तत्काल लागू करने की भी मांग की।

आपसू ने पंचायती राज संस्था (पीआरआई) चुनावों में गैर-एपीएसटी उम्मीदवारों की भागीदारी पर भी चिंता जताई। हाल ही में हुए विजयनगर पंचायत चुनाव का हवाला देते हुए, आपसू ने पीआरआई चुनावों में नामांकन के लिए पीआरसी और एपीएसटी प्रमाणन को अनिवार्य बनाने की मांग की और सरकार से मौजूदा कानूनी खामियों को दूर करने के लिए संबंधित कानूनों में संशोधन करने का आग्रह किया।

आपसू ने कहा कि ये मांगें अरुणाचल प्रदेश के स्वदेशी लोगों की पहचान, संवैधानिक अधिकारों और रोजगार के अवसरों की रक्षा के उद्देश्य से हैं। आपसू ने राज्य सरकार से समयबद्ध जवाब मांगा और चेतावनी दी कि यदि सुधारात्मक उपाय तुरंत नहीं किए गए तो उसे स्वयं कार्रवाई करनी पड़ेगी।

हिन्दुस्थान समाचार / तागू निन्गी