अरुणाचलः पर्यटन सामुदायिक भागीदारी पर आधारित हो- उप मुख्यमंत्री
-एनईआईटीसी के सम्मेलन शामिल हुए उप मु्ख्यमंत्री
इटानगर, 23 मार्च (हि.स.)। अरुणाचल प्रदेश के उपमुख्यमंत्री चोवना मीन ने आज नामसाई में आयोजित नॉर्थ ईस्ट इंडिया टूर ऑपरेटर्स कन्फेडरेशन (एनईआईटीसी) के सम्मेलन में भाग लिया।
सभा को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि अरुणाचल प्रदेश में पर्यटन सामुदायिक भागीदारी पर आधारित होना चाहिए, जिसमें टूर ऑपरेटरों, होमस्टे मालिकों, स्वयं सहायता समूहों और उद्यमियों सहित स्थानीय हितधारकों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सतत विकास तभी संभव है जब समुदाय स्वामित्व ग्रहण करें और सक्रिय रूप से योगदान दें।
सतत पर्यटन और सामुदायिक भागीदारी विषय पर आयोजित पैनल चर्चा के मुख्य बिंदुओं पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने स्वच्छ, हरित, समावेशी और सुव्यवस्थित पर्यटन को बढ़ावा देने के महत्व पर बल दिया। उन्होंने अनियंत्रित विस्तार से बचने के साथ-साथ गुणवत्ता और प्रामाणिकता बनाए रखने के लिए होमस्टे दिशानिर्देशों का कड़ाई से पालन करने का आह्वान किया।
उन्होंने हाल के वर्षों में कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचे में हुए महत्वपूर्ण सुधारों को भी रेखांकित किया, जिससे पहुंच में वृद्धि हुई है और पर्यटन विकास के नए रास्ते खुले हैं, जिससे राज्य राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन सर्किट के करीब आ गया है।
उपमुख्यमंत्री ने राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और संवर्धन की आवश्यकता पर बल दिया, साथ ही दीर्घकालिक स्थिरता के लिए सामुदायिक और उद्यमी नेतृत्व वाले पर्यटन मॉडलों को प्रोत्साहित करने की बात कही।
सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए उन्होंने कहा कि जिम्मेदार, समावेशी और सतत विकास के बल पर अरुणाचल प्रदेश एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में उभरने की अपार क्षमता रखता है।
उद्घाटन सत्र में पर्यटन मंत्रालय, एनईआईटीसी के पूर्वोत्तर क्षेत्र के क्षेत्रीय निदेशक राजेंद्र कुमार सुमन और कई अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।
हिन्दुस्थान समाचार / तागू निन्गी

