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लोनली प्लानेट की ‘बेस्ट इन ट्रैवल 2027’ सूची में दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे

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लोनली प्लानेट की ‘बेस्ट इन ट्रैवल 2027’ सूची में दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे


गुवाहाटी, 28 सितंबर (हि.स.)। दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे (डीएचआर) को एक और महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली है। दार्जिलिंग को प्रसिद्ध यात्रा पत्रिका लोनली प्लैनेट की ‘बेस्ट इन ट्रैवल 2027’ सूची में शामिल किया गया है। दुनिया के 50 प्रमुख पर्यटन स्थलों की इस सूची में दार्जिलिंग को ‘टॉय ट्रेन यात्रा के लिए सर्वश्रेष्ठ’ बताया गया है।

पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (पूसीरे) के सीपीआरओ कपिंजल किशोर शर्मा ने आज बताया कि पूसीरे की विरासत रेल दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे को लोकप्रिय रूप से ‘टॉय ट्रेन’ के नाम से जाना जाता है। वर्ष 1881 में शुरू हुई यह रेल सेवा कठिन पहाड़ी भूभाग में रेलवे निर्माण की अग्रणी इंजीनियरिंग का उदाहरण है। दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे, भारत की पर्वतीय रेलवे के यूनेस्को विश्व विरासत स्थल का हिस्सा है और वर्ष 1999 में इसे विश्व विरासत सूची में शामिल किया गया था।

ऐतिहासिक स्टेशन, भाप इंजन और पहाड़ी इलाकों से गुजरने वाली इसकी विशिष्ट रेल यात्रा आज भी पर्यटकों को आकर्षित करती है। ट्रेन की यात्रा के दौरान दार्जिलिंग क्षेत्र के पहाड़ों, चाय बागानों और बस्तियों का अनूठा अनुभव मिलता है।

पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे को जीवंत रेल विरासत और क्षेत्र के महत्वपूर्ण पर्यटन संसाधन के रूप में बढ़ावा देने के लिए विभिन्न पहल कर रहा है। विरासत रेल यात्राएं, भाप इंजन की सवारी, सांस्कृतिक कार्यक्रम और अनुभव आधारित पर्यटन गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं।

घूम विंटर फेस्टिवल, स्टेशन महोत्सव और समर फेस्टिवल जैसे आयोजनों ने भी ऐतिहासिक स्टेशनों और स्थानीय समुदायों के साथ पर्यटकों के जुड़ाव को बढ़ाया है। डीएचआर से जुड़ी पर्यटन पहलों में स्थानीय समुदायों की भागीदारी, पर्यावरण जागरूकता और टिकाऊ पर्यटन पर भी जोर दिया जा रहा है।

दार्जिलिंग को ‘बेस्ट इन ट्रैवल 2027’ में शामिल किए जाने से दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे की वैश्विक पहचान और मजबूत हुई है। इससे भारत और दुनिया भर के पर्यटकों के बीच क्षेत्र की रेल विरासत, टॉय ट्रेन यात्रा तथा दार्जिलिंग पहाड़ियों की सांस्कृतिक और सामाजिक-आर्थिक क्षमता को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश