दैमारी ने रेशम उत्पादन के उप-उत्पादों पर राष्ट्रीय सम्मेलन में लिया हिस्सा
गुवाहाटी, 04 नवंबर (हि.स.)। असम के हथकरघा, वस्त्र एवं रेशम उत्पादन मंत्री बिस्वजीत दैमारी ने बुधवार को गुवाहाटी के नेडफी हाउस में आयोजित एसईआरआई-बेस्ट 2026 के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में हिस्सा लिया। यह राष्ट्रीय सम्मेलन रेशम उत्पादन से जुड़े उप-उत्पादों, उद्यमिता और टिकाऊ प्रौद्योगिकियों पर केंद्रित है।
इस राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन केंद्रीय वस्त्र मंत्रालय के अधीन केंद्रीय रेशम बोर्ड के अंतर्गत केंद्रीय मूगा एवं एरी अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान (सीएमईआरएंडटीआई), लाहदोईगढ़, जोरहाट की ओर से किया गया। इसमें देशभर के शोधकर्ताओं, वैज्ञानिकों, रेशम उत्पादन विशेषज्ञों, उद्यमियों, उद्योग प्रतिनिधियों और अन्य संबंधित पक्षों ने हिस्सा लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत मंत्री बिस्वजीत दैमारी और अन्य गणमान्य व्यक्तियों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुई। संस्थान के निदेशक डॉ. कार्तिक नियोग ने स्वागत भाषण दिया।
अपने संबोधन में दैमारी ने असम के पारंपरिक मूगा और एरी रेशम उद्योग की अपार संभावनाओं को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि रेशम उत्पादन को केवल पारंपरिक रेशम निर्माण तक सीमित रखने के बजाय इससे प्राप्त होने वाले उप-उत्पादों के आर्थिक उपयोग पर भी ध्यान देने की आवश्यकता है। इससे उद्यमिता के नए अवसर पैदा होने के साथ-साथ रोजगार सृजन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सकती है।
उन्होंने उप-उत्पादों के बेहतर इस्तेमाल के लिए आधुनिक एवं टिकाऊ तकनीकों को अपनाने पर भी जोर दिया।
इस अवसर पर गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में 'बाय-प्रोडक्ट्स ऑफ सेरीकल्चर' नामक पुस्तक का विमोचन किया गया। इसके अलावा, एमएस एनीनी फाउंडेशन और सीएसबी-सीएमईआरएंडटीआई के पोस्ट कोकून इनक्यूबेशन-कम-ट्रेनिंग सेंटर के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) का आदान-प्रदान किया गया। इसका उद्देश्य रेशम उत्पादन के उप-उत्पादों के उपयोग और व्यावसायीकरण को बढ़ावा देना है।
कार्यक्रम में केंद्रीय रेशम बोर्ड के सदस्य सचिव एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी पी. शिवकुमार, असम सरकार के हथकरघा, वस्त्र एवं रेशम उत्पादन विभाग के सचिव ओइनाम सरणकुमार सिंह, असम महिला विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. मधुमिता बरुवा और केंद्रीय रेशम बोर्ड के तकनीकी निदेशक डॉ. मंथिरा मूर्ति सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
------------
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश

