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सियांग जिला प्रशासन ने चार लोगों के विरूद्ध हिरासत में लेने का जारी किया आदेश

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इटानगर, 09 अक्टूबर (हि.स.)। अरुणाचल प्रदेश के अपर सियांग ज़िला प्रशासन ने ज़िले के कुछ हिस्सों में हिंसा, आगज़नी और सार्वजनिक व निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए, अरुणाचल प्रदेश गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 2014 के तहत चार लोगों के खिलाफ़ एहतियातन हिरासत का आदेश जारी किया है।

आज जारी एक आधिकारिक बयान में ज़िला मजिस्ट्रेट अशोक ताजो ने चार लोगों- कुमकु, गेकु के अडुम टायोम; रामकु, गेकु के ओमक पारोन और ओकुट पालोह; और गेकु के ओसन पारोन के खिलाफ़ एहतियातन हिरासत में लेने का आदेश जारी किए।

ताजो ने बताया कि प्री-फ़ेसिबिलिटी रिपोर्ट गतिविधियों के संबंध में अपर सियांग ज़िले के कुछ इलाकों में स्थिति पिछले चार महीनों से तनावपूर्ण और अस्थिर बनी हुई है।

प्रशासन ने कहा कि घरों को नष्ट करने और सरकारी वाहनों को जलाने जैसी कई घटनाओं ने निवासियों के बीच डर का माहौल पैदा किया है, जिससे ज़िले में शांति, विकास और सामान्य गतिविधियों पर बुरा असर पड़ा है।

प्रशासन ने कहा कि गैर-कानूनी गतिविधियों को रोकने और जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एहतियातन हिरासत के आदेश जारी किए गए थे। हालांकि, बयान में यह नहीं बताया गया कि क्या उन चार लोगों को पहले ही हिरासत में ले लिया गया है।

मौजूदा स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए, ज़िला प्रशासन ने दावा किया कि हाल के हफ़्तों में संगठित हिंसा और आगज़नी बढ़ी है, जिससे निवासियों के बीच डर का माहौल बना है, जिसके चलते ज़िले में विकास कार्यों में बाधा आ रही है।

प्रशासन ने आगे कहा कि हिंसा और आगज़नी में कथित तौर पर शामिल लोगों के खिलाफ़ यिंगकियोंग पुलिस स्टेशन में शिकयत दर्ज होने के बावजूद, ऐसी गतिविधियां जारी हैं, जिससे शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में चुनौतियां पैदा हो रही हैं।

प्रशासन ने दोहराया कि प्रस्तावित बांध और पीएफ गतिविधियों से जुड़े मुद्दों को कानून-व्यवस्था के मामलों से अलग देखा जाना चाहिए। प्रशासन का कहना है कि बांध परियोजना का विरोध करने के नाम पर गड़बड़ी पैदा करने वाले लोगों को ऐसी गतिविधियों से तुरंत बाज़ आना चाहिए।

हिन्दुस्थान समाचार / तागू निन्गी