सीएसआर फंड का असम के कृषि क्षेत्र में निवेश करें कॉरपोरेट घराने : पीयूष हजारिका
गुवाहाटी, 07 अक्टूबर (हि.स.)। असम के कृषि, सिंचाई और संसदीय मामलों के मंत्री पीयूष हजारिका ने बुधवार को कॉरपोरेट घरानों से अपने कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) फंड का एक हिस्सा राज्य के कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में निवेश करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कृषि देश की अर्थव्यवस्था और बड़ी आबादी की आजीविका का प्रमुख आधार है। किसानों की उत्पादकता और आय बढ़ाने के लिए निजी क्षेत्र की भागीदारी जरूरी है।
खानापारा स्थित असम एडमिनिस्ट्रेटिव स्टाफ कॉलेज (एएएससी) में आयोजित ‘असम सीएसआर राउंडटेबल : कृषि, आजीविका और बाढ़ से निपटने की क्षमता के लिए पार्टनरशिप को बढ़ावा’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए हजारिका ने कहा कि भारत को पूरी तरह औद्योगिक अर्थव्यवस्था बनने में अभी कई दशक लग सकते हैं। तब तक देश की बड़ी आबादी कृषि पर निर्भर रहेगी। ऐसे में किसानों की उत्पादकता और फसल उत्पादन बढ़ाने के लिए उन्हें आधुनिक संसाधन और तकनीक उपलब्ध कराना आवश्यक है।
मंत्री ने कहा कि कंपनियों के औसत शुद्ध लाभ का दो प्रतिशत सीएसआर गतिविधियों पर खर्च करने का प्रावधान है। उन्होंने उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से अपील की कि वे सीएसआर निवेश के लिए असम को प्राथमिकता दें और कृषि क्षेत्र में ऐसी परियोजनाएं शुरू करें, जिनका किसानों की आजीविका पर दीर्घकालिक प्रभाव पड़े।
हजारिका ने सीएसआर निवेश के लिए कृषि मशीनीकरण, मिट्टी की जांच, जलवायु अनुकूल खेती, किसानों का क्षमता निर्माण, सिंचाई एवं जल प्रबंधन, गुणवत्ता नियंत्रण, बैंकिंग संस्थानों से जुड़ाव और किसानों को बाजार के लिए तैयार करने जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता देने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में निवेश से किसानों को आधुनिक तकनीक, वित्तीय संस्थानों और बाजार से जोड़ने में मदद मिल सकती है।
मंत्री ने वैश्विक स्तर पर उभरती चुनौतियों का उल्लेख करते हुए खाड़ी क्षेत्र में भू-राजनीतिक तनाव से खाद्य सुरक्षा पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव की ओर भी ध्यान दिलाया। उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने के लिए भारत को कृषि इनपुट के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाने की जरूरत है। विशेष रूप से यूरिया जैसे महत्वपूर्ण कृषि इनपुट के घरेलू उत्पादन को मजबूत करना आवश्यक है।
पीयूष हजारिका ने कहा कि सरकारी प्रयासों के साथ कॉरपोरेट क्षेत्र की विशेषज्ञता और संसाधनों का उपयोग किया जाए तो किसानों के सामने मौजूद कई चुनौतियों का समाधान किया जा सकता है। इसके लिए सरकार, उद्योग और सामाजिक क्षेत्र के संगठनों के बीच प्रभावी साझेदारी जरूरी है।
कार्यक्रम का आयोजन असम के कृषि विभाग और सीएसआरबीओएक्स की संयुक्त पहल के तहत किया गया। सीएसआरबीओएक्स सामाजिक प्रभाव और सीएसआर सुविधा से जुड़ा मंच है। यह कृषि क्षेत्र में प्रभावी परियोजनाओं की पहचान और विकास के साथ-साथ कॉरपोरेट क्षेत्र और सरकार के बीच सहयोग को मजबूत करने में सहायता करता है।
राउंडटेबल में कॉरपोरेट क्षेत्र के नेताओं और उद्योग प्रतिनिधियों ने कृषि, ग्रामीण आजीविका और बाढ़ से निपटने की क्षमता बढ़ाने के लिए संभावित सहयोग के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की।-----------
हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय

