दलगांव सीट को लेकर राजीव भवन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं का उग्र विरोध-प्रदर्शन
गुवाहाटी, 25 फरवरी (हि.स.)। असम में संभावित गठबंधन के तहत दलगांव विधानसभा सीट को राइजर दल को दिए जाने की चर्चाओं के बीच बुधवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आक्रोश खुलकर सामने आया। कांग्रेस के प्रदेश मुख्यालय राजीव भवन में दलगांव क्षेत्र से आए सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया और पार्टी नेतृत्व को स्पष्ट चेतावनी दी।
प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए कहा कि दलगांव परंपरागत रूप से कांग्रेस का गढ़ रहा है और इसे किसी सहयोगी दल को सौंपना जमीनी कार्यकर्ताओं का मनोबल तोड़ने जैसा होगा। उन्होंने इसे “हतोत्साहित करने वाला समझौता” करार देते हुए नेतृत्व से निर्णय पर पुनर्विचार की मांग की।
मंगलवार रात को भी स्थिति तनावपूर्ण रही, जब सौ से अधिक कार्यकर्ता कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई के अजंता पथ स्थित आवास के बाहर एकत्र हुए और संभावित सीट बंटवारे के विरोध में प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने साफ कहा कि किसी भी परिस्थिति में दलगांव सीट राइजर दल को स्वीकार नहीं होगी और यदि ऐसा निर्णय लिया गया तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सीट बंटवारे को लेकर बातचीत जमीनी कार्यकर्ताओं और स्थानीय जनता से बिना परामर्श के की गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दलगांव से कांग्रेस उम्मीदवार को टिकट नहीं दिया गया तो बड़ी संख्या में कार्यकर्ता सामूहिक इस्तीफा देने पर विचार कर सकते हैं।
इस बीच, पार्टी नेतृत्व की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन घटनाक्रम से स्पष्ट है कि चुनाव से पहले संगठन के भीतर दबाव बढ़ रहा है। जहां कांग्रेस और असम जातीय परिषद के बीच तालमेल लगभग तय माना जा रहा है, वहीं राइजोर दल के साथ सीट बंटवारे को लेकर असमंजस बना हुआ है।
राइजोर दल के प्रमुख और शिवसागर के विधायक अखिल गोगोई ने कहा है कि सीट बंटवारे पर बातचीत अभी पूरी नहीं हुई है और कांग्रेस ने अंतिम निर्णय की औपचारिक जानकारी नहीं दी है। उन्होंने बताया कि उनकी पार्टी ने गठबंधन के तहत 15 विधानसभा सीटों की मांग रखी है।
गोगोई ने चेतावनी दी कि यदि राइजोर दल को विपक्षी गठबंधन से अलग रखा गया तो इससे राज्य में भाजपा के खिलाफ संयुक्त चुनौती कमजोर पड़ सकती है। उन्होंने दावा किया कि उनकी पार्टी का युवाओं और वंचित वर्गों के बीच मजबूत जनाधार है, जिसे नजरअंदाज करना विपक्ष की रणनीति के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है।
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश

