कांग्रेस सरकार लोगों को जोड़ती है, भाजपा बांटती है: डीके शिवकुमार
गुवाहाटी, 28 मार्च (हि.स.)। कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री एवं असम के लिए कांग्रेस के चुनाव पर्यवेक्षक डीके शिवकुमार ने गुवाहाटी में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में भाजपा पर तीखा हमला करते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार लोगों को जोड़ती है, जबकि भाजपा समाज को बांटने का काम करती है। असम दौरे के दौरान उन्होंने कहा कि राज्य में बदलाव की लहर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है और जनता बेहतर सरकार चाहती है।
शिवकुमार ने भाजपा पर आरोप लगाया कि पार्टी कमजोर हो चुकी है और अपने दम पर नेतृत्व तैयार करने में विफल रही है, जिसके कारण उसे कांग्रेस से नेताओं को शामिल करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यदि हिमंत बिस्व सरमा के नेतृत्व वाली सरकार ने रोजगार के पर्याप्त अवसर पैदा किए हैं, तो असम के युवा दक्षिण भारत, विशेषकर कर्नाटक, रोजगार की तलाश में क्यों जा रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि असम में सरकार तानाशाही तरीके से काम कर रही है और सरकारी योजनाओं के लाभ को राजनीतिक गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है।
शिवकुमार ने कहा कि कर्नाटक में उनकी सरकार पात्रता के आधार पर महिलाओं को आर्थिक सहायता देती है, जबकि असम में रैलियों में शामिल न होने पर लाभ से वंचित करने की बातें सामने आ रही हैं।
भाजपा और मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि पहले भाजपा ने ही हिमंत बिस्व सरमा को “सबसे भ्रष्ट मंत्री” बताया था, लेकिन आज वही नेता पार्टी का चेहरा बन गए हैं। उन्होंने इस बदलाव पर सवाल उठाते हुए केंद्रीय गृहमंत्री से जवाब मांगा।
कांग्रेस नेता ने यह भी आरोप लगाया कि राज्य में भ्रष्टाचार व्याप्त है और मीडिया पर दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकार बनने पर सभी वादों को पूरा किया जाएगा और आम लोगों को सशक्त बनाने की दिशा में काम होगा।
इस अवसर पर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव एवं असम प्रभारी जितेंद्र सिंह ने भी भाजपा सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि असम में भय का माहौल है और भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वालों को धमकियां दी जाती हैं। उन्होंने गुवाहाटी के जल निकासी तंत्र पर तंज कसते हुए कहा कि थोड़ी सी बारिश में ही शहर जलमग्न हो जाता है।
जितेंद्र सिंह ने घोषणा की कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे रविवार को लखीमपुर में एक विशाल रैली में पार्टी का घोषणापत्र जारी करेंगे, जिसमें जनता की प्रमुख मांगों को शामिल किया जाएगा।
बरपेटा में कांग्रेस प्रत्याशी के नामांकन रद्द किए जाने के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि यह केवल एक तकनीकी त्रुटि थी, जिसे नियमों के तहत सुधारा जा सकता था। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने निष्पक्षता नहीं बरती और पार्टी इस मामले को लेकर उच्च न्यायालय या सर्वोच्च न्यायालय का रुख करेगी।
संवाददाता सम्मेलन में अन्य कांग्रेस नेता भी उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश

