असम में कांग्रेस का राज्यव्यापी प्रदर्शन, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग
गुवाहाटी, 28 सितंबर (हि.स.)। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और गिरफ्तारी की मांग को लेकर असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एपीसीसी) ने सोमवार को राज्यभर में विरोध प्रदर्शन किया। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के आह्वान पर आयोजित प्रदर्शन में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने चुनावी व्यवस्था की निष्पक्षता और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की मांग उठाई।
प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन से पार्टी प्रवक्ता द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि नगांव में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद गौरव गोगोई के नेतृत्व में जिला कांग्रेस कमेटी ने प्रदर्शन किया। इस दौरान एआईसीसी सचिव मनोज चौहान, सांसद रकीबुल हुसैन, पूर्व विधायक एवं उपचुनाव प्रत्याशी शिवामोनी बोरा तथा असम प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष मीरा बरठाकुर गोस्वामी सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे।
पार्टी प्रवक्ता ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के पुतले जलाए। गौरव गोगोई ने मुख्य चुनाव आयुक्त को तत्काल पद से हटाने और गिरफ्तार करने की मांग करते हुए कहा कि चुनावी व्यवस्था की पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए सभी पक्षों को एकजुट होकर आवाज उठानी चाहिए।
गुवाहाटी में भी कांग्रेस का प्रदर्शन तेज रहा। सुबह बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता दिसपुर स्थित मानवेंद्र शर्मा परिसर में एकत्र हुए। कांग्रेस नेताओं बिपुल गोगोई, बेदब्रत बोरा, अरुण तिवारी, स्वपन दास, बिदिशा नेओग, बालिका लाहन पेगू, मैनाजान बेगम और ऋतुपर्णा कोंवर के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने जुलूस निकालने का प्रयास किया। हालांकि, पुलिस ने परिसर के मुख्य द्वार पर बैरिकेड लगाकर उन्हें बाहर निकलने से रोक दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने परिसर के भीतर ही केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ नारे लगाए।
नगांव और गुवाहाटी के अलावा गोलाघाट, जोरहाट, ग्वालपाड़ा, बंगाईगांव, नलबाड़ी और धुबड़ी समेत राज्य के कई जिलों में जिला कांग्रेस कमेटियों के नेतृत्व में विरोध कार्यक्रम आयोजित किए गए।
कांग्रेस नेताओं ने हाल में प्रकाशित एक मीडिया रिपोर्ट का भी हवाला दिया, जिसमें चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर राजनीतिक विवाद का उल्लेख किया गया है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने अन्य चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों के बावजूद फॉर्म-6 और विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से संबंधित महत्वपूर्ण फैसले लिए।
इन आरोपों को लेकर कांग्रेस ने देशभर में विरोध प्रदर्शन शुरू किया है। पार्टी का कहना है कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता, निष्पक्षता और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए चुनाव आयोग के कामकाज में जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश

