एसआईआर के मुद्दे पर भाजपा ने कांग्रेस पर साधा निशाना
इटानगर, 28 सितंबर (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अरुणाचल प्रदेश इकाई ने चुनाव आयोग के कामकाज और मतदाता सूची के लिए चल रहे 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (एसआइआर) पर सबूतों के आधार पर कांग्रेस से सार्वजनिक बहस की मांग की है।
पार्टी ने चुनाव आयोग पर लगाए गए आरोपों और उसके इस्तीफे की मांग पर भी सवाल उठाए हैं। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता टोबोम दाई ने मीडिया से बातचीत करते हुए भारत निर्वाचन आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के बारे में कांग्रेस नेता और विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बयानों का ज़िक्र किया। दाई ने कहा कि तथ्यों की सही जांच-पड़ताल किए बिना संवैधानिक संस्थाओं पर गंभीर आरोप नहीं लगाए जाने चाहिए।
उन्होंने 26 सितंबर को ईसीआई द्वारा जारी उस स्पष्टीकरण का ज़िक्र किया, जो एक राष्ट्रीय दैनिक में आयोग के भीतर कथित मतभेदों और एआईआर प्रक्रिया को लेकर छपी रिपोर्ट के बाद उठाए गए मुद्दों के जवाब में दिया गया था।
स्पष्टीकरण के अनुसार, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पूर्ण आयोग की बैठक की और कहा कि एसआईआर से जुड़े फैसले पूर्ण आयोग की मंज़ूरी से लिए गए थे। एसआईआर ने कैबिनेट सचिव के साथ बातचीत और फॉर्म-6 प्रक्रिया से जुड़े सवालों का भी जवाब दिया।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि विवाद का आकलन करते समय मीडिया रिपोर्टों और राजनीतिक बयानों के साथ-साथ आयोग के स्पष्टीकरण पर भी विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनावी मामलों पर चर्चा सत्यापित जानकारी और स्थापित संवैधानिक व कानूनी प्रक्रियाओं के माध्यम से होनी चाहिए।
दाई ने मुख्य चुनाव आयोग के इस्तीफे की मांग के आधार पर सवाल उठाए और भारत निर्वाचन आयोग के इस रुख का हवाला दिया कि एसआईआर से संबंधित फैसले पूर्ण आयोग द्वारा सर्वसम्मति से लिए गए थे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जब चुनावी नतीजे कांग्रेस और उसके सहयोगियों के पक्ष में नहीं होते हैं, तो संवैधानिक संस्थाओं की आलोचना बढ़ जाती है।
संवैधानिक संस्थाओं के प्रति लगातार सम्मान की बात करते हुए दाई ने कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं की विश्वसनीयता इस बात पर निर्भर करती है कि सार्वजनिक चर्चाएं सबूतों, आधिकारिक रिकॉर्ड और उचित प्रक्रिया पर आधारित हों।
हिन्दुस्थान समाचार / तागू निन्गी

