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हमने महिला आरक्षण अधिनियम का नहीं किया विरोध- कांग्रेस

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इटानगर, 20 अप्रैल (हि.स.)। अरुणाचल प्रदेश महिला कांग्रेस कमेटी (एपीएमसीसी) ने सोमवार को कहा कि हम महिला आरक्षण अधिनियम का विरोध नहीं कर रहे हैं, बल्कि परिसीमन आयोग अधिनियम का विरोध कर रहे हैं।

आज अरुणाचल प्रेस क्लब में मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए एपीएमसीसी की अध्यक्ष चुखु नाची ने कहा कि कांग्रेस कभी भी महिला आरक्षण अधिनियम के खिलाफ नहीं थी, जिसे 2023 में संशोधित किया गया था। लोकसभा में महिला आरक्षण अधिनियम पारित होने पर कांग्रेस ने इसका पूरा समर्थन किया था। लेकिन अधिनियम के कार्यान्वयन की बात आती है तो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार परिसीमन आयोग अधिनियम सहित कई तरह के हथकंडे अपना रही है।

उन्होंने कहा कि 16 और 17 अप्रैल को संसद में हुई चर्चा में कांग्रेस और हमारे गठबंधन ने महिला आरक्षण अधिनियम का विरोध नहीं किया, बल्कि परिसीमन आयोग का विरोध किया। उन्होंने आगे कहा कि हम महिला विरोधी नहीं हैं।

कांग्रेस ने परिसीमन प्रक्रिया के खिलाफ मतदान किया, न कि महिला आरक्षण अधिनियम के कार्यान्वयन के खिलाफ। वास्तव में, हम महिला आरक्षण (संशोधन) अधिनियम की तत्काल कार्यान्वयन की मांग कर रहे हैं। भाजपा सरकार कार्यान्वयन का इंतजार क्यों कर रही है?

उन्होंने कहा कि दरअसल, भाजपा महिला आरक्षण लागू नहीं करना चाहती क्योंकि, अगर वे इसे लागू करते हैं तो भाजपा को कई सांसद पद गंवाने पड़ेंगे, जिनमें सांसद किरेन रिजिजू और तापिर गाओ भी शामिल हैं।

इससे पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने दावा किया था कि विपक्षी कांग्रेस और उसके सहयोगियों द्वारा लोकसभा में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने वाले महत्वपूर्ण संवैधानिक संशोधन विधेयकों को अवरुद्ध करने के कारण विधेयक को पारित होने के लिए आवश्यक दो-तिहाई बहुमत नहीं मिल सका।

हिन्दुस्थान समाचार / तागू निन्गी