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भूपेन बोरा के भाजपा में जाने को कांग्रेस नेता देवब्रत सैकिया ने मामूली बताया

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भूपेन बोरा के भाजपा में जाने को कांग्रेस नेता देवब्रत सैकिया ने मामूली बताया


गुवाहाटी, 22 फरवरी (हि.स.)। असम में विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता देबब्रत सैकिया ने पूर्व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष भूपेन कुमार बोरा के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने के असर को खारिज करते हुए कहा कि इससे पार्टी को कोई खतरा नहीं है। ज्ञात हो कि भूपेन बोरा रविवार काे भाजपा में औपचारिक रूप से शामिल हो गये।

देबब्रत सैकिया ने कहा कि इससे कोई नुकसान नहीं होगा क्योंकि उनके चुनाव क्षेत्र के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने, जहां से वह पिछले तीन साल से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे, उनके साथ जाने का फैसला नहीं किया। उनके मुताबिक, स्थानीय पार्टी सदस्यों ने अपना रुख साफ कर दिया है, अगर वह चले भी गए, तो हम कांग्रेस में ही रहेंगे। इसलिए, हमें कोई नुकसान नहीं होगा।

वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने कहा कि पार्टी का फोकस अपने जमीनी नेटवर्क को मजबूत करने और लोगों को उन लोगों के बारे में जागरूक करने पर है जो अन्याय कर रहे हैं और संविधान के खिलाफ काम कर रहे हैं।

ज्ञात हो कि, भूपेन बोरा ने आगामी असम विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप सैकिया और सांसद बैजयंत पांडा की मौजूदगी में भाजपा में औपचारिक रूप से शामिल हो गये। यह कदम मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा के 17 फरवरी के ऐलान के बाद उठाया गया है, जब बोरा ने कांग्रेस छोड़ दी थी।

अपने 32 वर्ष के कार्यकाल पर बात करते हुए, भूपेन बोरा ने पहले स्वयं को बड़े बदलावों का क्रेडिट दिया था, जिसमें 2021 में असम प्रदेश कांग्रेस पार्टी (एपीसीसी) अध्यक्ष बनने पर कांग्रेस-एआईयूडीएफ गठबंधन खत्म करना और बाद में आईएनडीआईए ब्लॉक से पहले 16 पार्टियों के साथ रिश्ते बनाना शामिल था।

उन्होंने कहा कि मैंने कांग्रेस पार्टी को 32 साल दिए। कांग्रेस ने मुझे विधायक से एपीसीसी अध्यक्ष बनाया... जब मैं 2021 में अध्यक्ष बना, तो कांग्रेस एआईयूडीएफ के साथ गठबंधन में थी। मैंने गठबंधन तोड़ दिया। उसके बाद, आईएनडीआईए अलायंस बनने से पहले, मैंने 16 पार्टियों के साथ गठबंधन किया।

बोरा ने अंदरूनी अनबन का भी जिक्र किया, यह दावा करते हुए कि गौरव गोगोई ने उन्हें सबके सामने बेइज्जत किया और राहुल गांधी से भी उनकी शिकायतों को नजरअंदाज किया। --------------------

हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय