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केरल में विरोधी, असम में सहयोगी: कांग्रेस-सीपीएम गठबंधन पर भाजपा का हमला

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केरल में विरोधी, असम में सहयोगी: कांग्रेस-सीपीएम गठबंधन पर भाजपा का हमला


गुवाहाटी, 28 मार्च (हि.स.)। असम भाजपा के प्रवक्ता रंजीब कुमार सरमा ने शनिवार को कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि केरल में मार्क्सवादी ताकतों का विरोध करने वाली कांग्रेस असम में सीपीएम के साथ गठबंधन कर राजनीतिक विरोधाभास का परिचय दे रही है।

पार्टी मुख्यालय अटल बिहारी वाजपेयी भवन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में प्रवक्ता मानस सरनिया की उपस्थिति में सरमा ने कहा कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे बार-बार कम्युनिस्ट ताकतों को देश के लिए खतरा बताते रहे हैं, खासकर केरल की वामपंथी सरकार का हवाला देते हुए। उन्होंने कहा कि ऐसे में असम में सीपीएम के साथ कांग्रेस का गठबंधन उसकी कथनी और करनी के बीच स्पष्ट अंतर को उजागर करता है।

सरमा ने सवाल उठाया कि जो पार्टी केरल में विरोधी है, वही असम में सहयोगी कैसे बन गई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को इस मुद्दे पर असम की जनता के सामने स्पष्ट जवाब देना चाहिए। यह स्थिति दर्शाती है कि कांग्रेस लगातार देश की जनता को गुमराह करती रही है।

भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने असम विधानसभा चुनाव में पहले ही हार स्वीकार कर ली है और उसका केंद्रीय नेतृत्व चुनाव को लेकर गंभीर नहीं है। उन्होंने कहा कि तीन मार्च को उम्मीदवारों की पहली सूची जारी करने के बाद 27 मार्च तक कांग्रेस ने असम को लेकर कोई विशेष सोशल मीडिया सक्रियता नहीं दिखाई, जबकि इस दौरान केरल से जुड़े कई पोस्ट किए गए।

सरमा ने यह भी दावा किया कि कांग्रेस राज्य में सिमटती जा रही है और अब मुख्य रूप से सीमित संख्या में अल्पसंख्यक बहुल सीटों पर ही चुनाव लड़ रही है। उन्होंने कहा कि स्वदेशी और स्थानीय समुदायों वाले क्षेत्रों में कांग्रेस का संगठनात्मक आधार कमजोर है।

सरमा ने कहा कि असम की जनता कांग्रेस को पहले ही राजनीतिक रूप से नकार चुकी है और पार्टी राज्य में अपनी प्रासंगिकता खोती जा रही है।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश