कांग्रेस का ‘हु इज हिमंत बिस्व सरमा’ अभियान, भ्रष्टाचार के आरोपों के साथ वीडियो, वेबसाइट और हेल्पलाइन लॉन्च
गुवाहाटी, 04 फरवरी (हि.स.)। असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एपीसीसी) ने मंगलवार को राजीव भवन में एक विशेष संवाददाता सम्मेलन आयोजित कर मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा के खिलाफ व्यापक आरोप लगाए। संवाददाता सम्मेलन में ‘हु इज हिमंत बिस्व सरमा’ शीर्षक से एक वीडियो जारी किया गया, साथ ही क्यूआर कोड युक्त टेम्पलेट, एक विशेष वेबसाइट और शिकायत दर्ज कराने के लिए फोन नंबर भी सार्वजनिक किया गया।
संवाददाता सम्मेलन की शुरुआत एपीसीसी अध्यक्ष गौरव गोगोई, छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री एवं चुनाव पर्यवेक्षक भूपेश बघेल तथा असम प्रभारी एआईसीसी महासचिव जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में वीडियो के लोकार्पण से हुई। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि वीडियो में मुख्यमंत्री के “सात चेहरे” दिखाए गए हैं, जिनमें भ्रष्टाचार, भूमि कब्जा, पारिवारिक व्यवसाय, झूठे वादे और विश्वासघात जैसे आरोप शामिल हैं।
गौरव गोगोई ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री और उनके परिवार ने नियमों का उल्लंघन कर राज्य के विभिन्न हिस्सों में बड़े पैमाने पर जमीन खरीदी है, जिसकी वास्तविक मात्रा आज तक स्पष्ट नहीं हो पाई है। उन्होंने बताया कि इन तथ्यों की जांच के लिए कांग्रेस एक विशेष टीम के साथ काम कर रही है। जांच को तेज करने के उद्देश्य से whoishbs.com नामक वेबसाइट लॉन्च की गई है, जहां आम लोग मुख्यमंत्री से जुड़ी कथित संपत्तियों से संबंधित जानकारियां अपलोड कर सकते हैं। इसके अलावा, बेनामी संपत्ति से जुड़ी सूचनाएं देने के लिए 9133400200 नंबर भी जारी किया गया।
गोगोई ने दावा किया कि अब तक सामने आई जानकारियों के अनुसार मुख्यमंत्री और उनके परिजनों ने करीब 12 हजार बीघा भूमि अपने नाम कराई है। उन्होंने कहा कि कृषि भूमि को औद्योगिक भूमि में बदलने के तरीकों समेत सभी तथ्यों को आने वाले समय में सार्वजनिक किया जाएगा। गोगोई ने इसे “परिवर्तन का समय” बताते हुए कहा कि परिवर्तन से ही भूमि, समाज और असम की राजनीतिक मूल्य-व्यवस्था सुरक्षित रह सकेगी।
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मुख्यमंत्री पर तीखा हमला करते हुए उन्हें “महाठग” बताया।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के संरक्षण में असम को “बेचने” का प्रयास किया जा रहा है। बघेल ने केंद्र सरकार की नीतियों, अंतरराष्ट्रीय समझौतों और किसानों पर पड़ने वाले प्रभावों का भी उल्लेख करते हुए केंद्र और राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।
एआईसीसी महासचिव जितेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री और उनके परिवार ने असम को व्यापार की तरह चलाया है। उन्होंने दावा किया कि परिवार के नाम पर कई कंपनियां बनाई गईं और बड़े उद्योग समूहों को बड़े पैमाने पर जमीन दी गई। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री के खिलाफ लुई बर्जर, शारदा, पीएम संपदा और अन्य कथित घोटालों से जुड़े मामले पहले से मौजूद हैं।
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष देवब्रत सैकिया ने कहा कि मुख्यमंत्री के प्रचार के बावजूद असम की जनता सच्चाई जानती है और आने वाले दिनों में और भी तथ्य सामने लाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने नैतिक अधिकार खो दिया है और राज्य की वर्तमान स्थिति के लिए वही जिम्मेदार हैं।
संवाददाता सम्मेलन में सांसद प्रद्युत बरदोलै, सांसद रकिबुल हुसैन, कांग्रेस नेता देबब्रत सैकिया सहित कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। संवाददाता सम्मेलन का संचालन एपीसीसी के मीडिया एवं संचार विभाग के अध्यक्ष बेदब्रत बोरा ने किया।
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश

